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सड़क हस्तांतरण नहीं होने का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, कनालीछीना
Updated Sat, 07 Apr 2018 10:36 PM IST
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कनालीछीना देवलथल सड़क की टूटी दीवार
- फोटो : अमर उजाला
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कनालीछीना-देवलथल सड़क का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। दरअसल बीते दो साल से सड़क हस्तांतरित नहीं हो सकी है। जगह-जगह गड्ढे और संकरी सड़क होने से बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। सड़क पर सिर्फ छोटे वाहन ही चल रहे हैं। यहां की चार हजार की आबादी को राशन समेत अन्य सामान लाने के लिए चार किमी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। समस्या से निजात पाने को ग्रामीणों ने कई बार विभाग के अलावा बीते दिनों डीडीहाट दौरे पर आए सीएम से भी गुहार लगाई, लेकिन अब तक ग्रामीणों की परेशानी दूर नहीं हो सकी है।
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कनालीछीना-देवलथल सड़क का निर्माण साल 1992 में हुआ। 1.70 लाख रुपये की लागत से इस सड़क के बनने से खौतड़ी, बजेत, कापड़ीगांव, बिलौनाखान, चौपाता, पुरखरोड़ा और बनीगांव के ग्रामीणों को उम्मीद की किरण नजर आई, लेकिन उनकी ये खुशी जल्द ही काफूर हो गई। सड़क निर्माण के बाद कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने 2016 में वर्ल्ड बैंक को हस्तांतरित की, लेकिन शासन की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से वर्ल्ड बैंक को यह सड़क हस्तांतरित नहीं हो सकी है। इस वजह से सड़क की मरम्मत और सुधारीकरण का काम लंबित पड़ा है।
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प्रधान केदार सिंह, पुष्पा भंडारी, मनोज सिरोला, मोहन सिंह का कहना है कि सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं होने से निर्माण सामग्री, राशन और रसोई गैस की आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्रामीणों को राशन और रसोई गैस लाने को तीन किमी दूर कनालीछीना और चार किमी दूर देवलथल पैदल जाना पड़ रहा है।
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कनालीछीना देवलथल सड़क अभी विभाग को हस्तांतरित नहीं हो सकी है। मामला शासन स्तर पर लंबित है। हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही सड़क की मरम्मत हो सकेगी। -अरुण पांडेय, अधिशासी अभियंता, वर्ल्ड बैंक।