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जिले में ग्रामीण बैंक के कर्मियों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार
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पिथौरागढ़ में मांगों के लिए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। ग्रामीण बैंकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत सोमवार को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों की 38 शाखाओं में कार्य बहिष्कार किया गया। बैंक कर्मियों की हड़ताल के कारण लगभग 25 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
सोमवार को पिथौरागढ़-चंपावत जनपद के क्षेत्रीय सचिव विजय सिंह भंडारी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने सरकार से ग्रामीण बैंक में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की नीति रद्द करने, राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण बैंक की स्थापना, बैंकिंग उद्योग के समान पदोन्नति नीति के सभी लंबित नियमों का निर्धारण करने, 30 हजार से अधिक रिक्त पदों में शीघ्र भर्ती करने सहित स्टाफ के सभी मुद्दों का अतिशीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई। विजय सिंह भंडारी, दीपेश बोरा, लोकेश क्षेत्री, नमन पुनेठा, लाल सिंह मेहता आदि ने विचार रखे। प्रदर्शन में श्याम सिंह, अशोक खड़ायत, प्रदीप बिष्ट, अनिकेत कुमार, सुनील पांडेय, तुषार चौहान आदि थे।
बैंकों से खाली हाथ लौटे लोग
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ और चंपावत में ग्रामीण बैंकों की 38 शाखाओं की हड़ताल से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में काम के लिए लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों को बैंकों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बैंकों में जरूरी काम के लिए आने वाले लोगों को हड़ताल के चलते मायूस होकर वापस जाना पड़ा।
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सोमवार को पिथौरागढ़-चंपावत जनपद के क्षेत्रीय सचिव विजय सिंह भंडारी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों ने सरकार से ग्रामीण बैंक में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की नीति रद्द करने, राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण बैंक की स्थापना, बैंकिंग उद्योग के समान पदोन्नति नीति के सभी लंबित नियमों का निर्धारण करने, 30 हजार से अधिक रिक्त पदों में शीघ्र भर्ती करने सहित स्टाफ के सभी मुद्दों का अतिशीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई। विजय सिंह भंडारी, दीपेश बोरा, लोकेश क्षेत्री, नमन पुनेठा, लाल सिंह मेहता आदि ने विचार रखे। प्रदर्शन में श्याम सिंह, अशोक खड़ायत, प्रदीप बिष्ट, अनिकेत कुमार, सुनील पांडेय, तुषार चौहान आदि थे।
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बैंकों से खाली हाथ लौटे लोग
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ और चंपावत में ग्रामीण बैंकों की 38 शाखाओं की हड़ताल से 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंकों में काम के लिए लोगों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लोगों को बैंकों की हड़ताल की जानकारी नहीं थी। बैंकों में जरूरी काम के लिए आने वाले लोगों को हड़ताल के चलते मायूस होकर वापस जाना पड़ा।
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