{"_id":"5c533a7ebdec2273ad00b898","slug":"gold-medal-to-itbp-vii-corps","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी को स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी को स्वर्ण पदक
Thu, 31 Jan 2019 11:42 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो,डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूरो,डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 31 Jan 2019 11:42 PM IST
विज्ञापन
डीडीहाट में स्वर्ण पदक लेने के बाद आईटीबीपी अधिकारी।
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2018 में बेहतरीन कार्य के लिए आईटीबीपी के महानिदेशक ने मिर्थी स्थित सातवीं वाहिनी को स्वर्ण पदक पुरस्कार से सम्मानित किया है। पदक मिलने पर वाहिनी में जश्न का माहौल है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा में पिछली बार मौसम बेहद बाधक रहा। विपरीत परिस्थितियों में भी आईटीबीपी के जवानों ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा को सुरक्षित और सकुशल पूरा कराया। इसके लिए बल के महानिदेशक सरदार सिंह देशवाल ने वाहिनी को स्वर्ण पदक से नवाजा है। बल के पूर्वी फ्रंटियर मुख्यालय लखनऊ के महानिरीक्षक पुनीत रस्तोगी ने सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप को स्वर्ण पदक और सम्मान पत्र सौंपा। इसमें कहा गया है कि वाहिनी की बार्डर आउट पोस्ट गुंजी, कालापानी, नाभीढांग के जवानों पर कैलाश मानसरोवर यात्रियों की सुरक्षा और मेडिकल का जिम्मा है। दोनों ही क्षेत्रों में बल ने बेहतरीन कार्य किया है। सेनानी महेंद्र प्रताप ने इस उपलब्धि का श्रेय उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात जवानों को दिया। इस मौके पर बल के द्वितीय कमान अधिकारी हरेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैलाश मानसरोवर यात्रा में पिछली बार मौसम बेहद बाधक रहा। विपरीत परिस्थितियों में भी आईटीबीपी के जवानों ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा को सुरक्षित और सकुशल पूरा कराया। इसके लिए बल के महानिदेशक सरदार सिंह देशवाल ने वाहिनी को स्वर्ण पदक से नवाजा है। बल के पूर्वी फ्रंटियर मुख्यालय लखनऊ के महानिरीक्षक पुनीत रस्तोगी ने सातवीं वाहिनी के सेनानी महेंद्र प्रताप को स्वर्ण पदक और सम्मान पत्र सौंपा। इसमें कहा गया है कि वाहिनी की बार्डर आउट पोस्ट गुंजी, कालापानी, नाभीढांग के जवानों पर कैलाश मानसरोवर यात्रियों की सुरक्षा और मेडिकल का जिम्मा है। दोनों ही क्षेत्रों में बल ने बेहतरीन कार्य किया है। सेनानी महेंद्र प्रताप ने इस उपलब्धि का श्रेय उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात जवानों को दिया। इस मौके पर बल के द्वितीय कमान अधिकारी हरेंद्र सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
विज्ञापन