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शिक्षिका हंसा के प्रयासों से संवर रहा छात्राओं का भविष्य
जीवन दानू/अमर उजाला, नाचनी
Updated Sat, 20 Oct 2018 11:08 PM IST
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नाचनी के चचना विद्यालय में छात्राओं को समझातीं शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम दाफा तल्ला जोहार के राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल चचना की प्रधानाध्यापिका हंसा लस्पाल मेहनत और ईमानदारी से छात्राओं का भविष्य संवार रहीं हैं। नतीजतन इस स्कूल में आज छात्राओं की संख्या 22 हो गई है, जबकि वर्ष 2009 में ला, झेकला की आपदा के बाद स्कूल में छात्राओं की संख्या घटकर दो हो गई थी।
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वर्ष 2008 में विद्यालय खोला गया। उस समय छात्राओं की संख्या 44 थी। ला, झेकला की आपदा के बाद छात्राओं की संख्या काफी कम हो गई। वर्ष 2015 में जैंती से हंसा लस्पाल का यहां तबादला हुआ। उनके समक्ष छात्राओं की संख्या को बढ़ाने की चुनौती थी। उन्होंने प्रधान और ग्रामीणों से वार्ता की। इस पर ग्रामीण अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए तैयार हो गए। आज इस स्कूल में छात्राओं की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। शिक्षिका ने बच्चों की रचनात्मक और सृजनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए विद्यालय में दीवार पत्रिका शुरू की।
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साथ ही अपने खर्चे पर पुस्तकालय और सांस्कृतिक पोशाक बनाई है। छात्राओं को स्वेटर उपलब्ध कराए गए हैं और हर छात्रा का आईकार्ड बनाया गया है। विद्यालय में फूलों का बगीचा बनाया गया है। सुभाष चंद्र बोस, लक्ष्मीबाई, सरदार भगत सिंह के नाम से सदन बनाए गए हैं। इन सदनों को स्वच्छता और बागवानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छुट्टी के बाद भी स्कूल में पढ़ाई होती है। आज विद्यालय के बच्चे पढ़ाई के साथ ही खेलों में भी नाम रोशन कर रहे हैं। स्कूल को आगे बढ़ाने में सहायक अध्यापक ललित मोहन लोहनी, बीआरसी समन्वयक गोविंद राणा, प्रधान धन सिंह राणा, एसएमसी अध्यक्ष ध्रुव सिंह भी मदद कर रहे हैं। शिक्षिका हंसा लस्पाल का कहना है कि उनका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाकर काबिल बनाना है।
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