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जीआईसी सिंघाली से 15 बच्चों ने कटाया नाम

Wed, 13 Jul 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, बस्तड़ी/डीडीहाट Updated Wed, 13 Jul 2016 10:20 PM IST
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GIC Singali 15 children Ktaya name
बच्चों ने कटाया नाम - फोटो : अमर उजाला

आपदा प्रभावित इलाके में स्थित स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है, जिस कारण विज्ञान विषय से हाईस्कूल पास राजकीय इंटर कॉलेज सिंघाली से 15 बच्चों ने नाम कटा लिया है। यह सभी बच्चे बस्तड़ी, उड़मा और पत्थरकोट गांव के हैं। इसकी वजह यह है कि जीआईसी सिंघाली में इस समय आपदा प्रभावित परिवार रुके हैं। विद्यालय के मैदान में टेंट लगाए गए हैं। आपदा राहत सामग्री लेकर आने वालों और प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही लगातार विद्यालय में बनी है, जिससे वहां पढ़ाई नहीं हो पा रही है। ऊपर से शिक्षकों की कमी भी पढ़ाई में बाधक बन रही है। वहीं, जब यह बच्चे नाम कटाकर नजदीकी राजकीय इंटर कॉलेज गर्खा में प्रवेश के लिए गए तो वहां भी उनको कम नंबर बताकर प्रवेश नहीं मिल पाया।

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जीआईसी सिंघाली के प्रधानाचार्य जनार्दन अवस्थी ने बताया कि उनके विद्यालय में इंटर स्तर पर विज्ञान पढ़ाने के लिए एक ही अध्यापक है। इंटर में विज्ञान की पढ़ाई में थोड़ा दिक्कत जरूर आ रही है। उन्होंने बताया कि इस बार हाईस्कूल पास कर चुके विज्ञान संवर्ग के 15 बच्चों ने अन्यत्र जाने के लिए टीसी निकाल ली है। यह बच्चे नजदीकी इंटर कॉलेज गर्खा में प्रवेश के लिए पहुंचे तो वहां पर कक्षा 11 विज्ञान विषय में सभी सीट भर गई थी। गर्खा के प्रधानाचार्य सतीश पंत ने बताया कि प्रवेश लेने के लिए आए बच्चों के अंकों का प्रतिशत बहुत कम है। आमतौर पर इंटर विज्ञान में प्रवेश के लिए हाईस्कूल में कम से कम 60 फीसदी अंक होने जरूरी हैं। प्रवेश देने में इसी कारण अड़चन आ रही है।
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प्रवेश के नियमों को शिथिल करेंगे
डीडीहाट। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र के बच्चों को सुविधाजनक विद्यालयों में प्रवेश देने के लिए नियमों को शिथिल किया जाएगा। सभी विद्यालयों में विज्ञान के शिक्षकों की कमी है। फिर भी प्रधानाचार्यों और खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वह बच्चों को प्रवेश दे दें। जल्दी ही नई नियुक्ति से पद भरे जाएंगे।
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आपदा की सभी स्थितियों पर गौर करें
डीडीहाट। बस्तड़ी के समाजसेवी शंकर दत्त भट्ट का कहना है कि जीआईसी सिंघाली में विज्ञान के रिक्त पद भरने चाहिए। इतनी आपदा के बीच बच्चों को पढ़ाई की सुविधा मिलनी चाहिए। सरकार को आपदा के बाद पैदा हो रही सभी स्थितियों पर गौर करना चाहिए। जीआईसी में कई पद रिक्त हैं, उनको तत्काल भरा जाए।

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