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घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क पर वाहन संचालन दो साल तक बंद रखने के लिए बीआरओ के चीफ इंजीनियर ने शासन को लिखा पत्र
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने चीन सीमा को जोड़ने वाली घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क को दो वर्ष तक टैक्सी वाहनों के लिए बंद रखने का अनुरोध किया है। बीआरओ के चीफ इंजीनियर एएस राठौर ने स्थानीय लोगों एवं सेना के वाहनों के लिए भी केवल रविवार को ही सड़क खोलने के लिए मुख्य सचिव, सेना और अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों को पत्र लिखा है।
बीआरओ ने धारचूला के घट्टाबगड़ से लिपुलेख तक सड़क कटिंग का कार्य वर्ष 2020 में पूरा कर लिया था। इसके बाद इस सड़क पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। बीआरओ के चीफ इंजीनियर एएस राठौड़ (अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल) का कहना है कि घट्टाबगड़ से लिपुलेख सड़क पर सुधार कार्य किया जाना है। बूंदी के आगे छियालेख क्षेत्र बहुत ही खतरनाक और तीव्र ढलान वाला है। सड़क के सुधारीकरण में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा। इस दो वर्ष की अवधि में गुंजी से आदि कैलाश एवं कैलाश मानसरोवर के रास्ते को भी ठीक करना है। उन्होंने मार्ग के रखरखाव के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा और आदि कैलाश यात्रा सहित ओम पर्वत के दर्शनों के लिए भी आवाजाही बंद रखने की मांग की है।
भारतमाला परियोजना के तहत सुरंग बनाने की योजना
मुनस्यारी। चीफ इंजीनियर एएस राठौर ने बताया कि अभी सड़क में तमाम कार्य होने हैं। छियालेख को पार करने के लिए भारतमाला परियोजना के तहत सुरंग बनाने की योजना बनाई जा रही है। कई अन्य खतरनाक जगहों पर छोटी-छोटी सुरंगों का निर्माण किया जाना है।
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बीआरओ ने धारचूला के घट्टाबगड़ से लिपुलेख तक सड़क कटिंग का कार्य वर्ष 2020 में पूरा कर लिया था। इसके बाद इस सड़क पर हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई थी। बीआरओ के चीफ इंजीनियर एएस राठौड़ (अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल) का कहना है कि घट्टाबगड़ से लिपुलेख सड़क पर सुधार कार्य किया जाना है। बूंदी के आगे छियालेख क्षेत्र बहुत ही खतरनाक और तीव्र ढलान वाला है। सड़क के सुधारीकरण में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा। इस दो वर्ष की अवधि में गुंजी से आदि कैलाश एवं कैलाश मानसरोवर के रास्ते को भी ठीक करना है। उन्होंने मार्ग के रखरखाव के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा और आदि कैलाश यात्रा सहित ओम पर्वत के दर्शनों के लिए भी आवाजाही बंद रखने की मांग की है।
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भारतमाला परियोजना के तहत सुरंग बनाने की योजना
मुनस्यारी। चीफ इंजीनियर एएस राठौर ने बताया कि अभी सड़क में तमाम कार्य होने हैं। छियालेख को पार करने के लिए भारतमाला परियोजना के तहत सुरंग बनाने की योजना बनाई जा रही है। कई अन्य खतरनाक जगहों पर छोटी-छोटी सुरंगों का निर्माण किया जाना है।
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