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कूड़ा डंपिंग जोन की आग से भड़के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:24 PM IST
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नैनीपातल में कूड़े के ढेर में आग लगने के खिलाफ सल्मोड़ा में प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीपातल के कूड़ा डंपिंग जोन में आग से इलाके के ग्रामीण भड़क गए हैं। नाराज ग्रामीण डंपिंग जोन में अनशन पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मौके पर पहुंचे एसडीएम को खूब खरी-खोटी सुनाई और कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था के साथ ही प्रभावितों को मुआवजे की मांग की।
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बुधवार को नैनीपातल कूड़ा डंपिंग जोन के आसपास के गांवों के ग्रामीण एकजुट हुए और अनशन पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से इस क्षेत्र में कूड़ा डाला जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पालिका अब तक कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं कर पाया है। पिछले दिनों कूड़े के ढेर में आग लग गई, जिसे अब तक नहीं बुझाया गया। कूड़े की दुर्गंध से पहले ही क्षेत्रवासी परेशान थे, अब धुएं ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। उन्होंने प्रशासन पर स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
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इस बीच मौके पर पहुंचे एसडीएम को प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने खूब खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों ने चेताया कि डंपिंग जोन की व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गई तो कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। उन्होंने आग बुझाने और क्षेत्रवासियों को कूड़े के ढेर से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम के आश्वासन पर ग्रामीणों ने चार घंटे बाद अनशन स्थगित कर दिया। हालांकि अव्यवस्था पर दोबारा आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। इस दौरान मनोज भट्ट, बहादुर सिंह, पंकज सौन, राकेश चंद्र, मोहन सिंह, लक्ष्मण सिंह, पवन चंद, अजीत सामंत, प्रकाश सिंह आदि थे।
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पेयजल स्रोतों की जांच की मांग
नैनीपातल क्षेत्रवासियों ने डंपिंग जोन के आसपास के सभी पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांच की मांग की है। इसके साथ ही क्षेत्र में पार्क विकसित करने, हर माह स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा शिविर लगाने, डंपिंग जोन के गांवों में सुरक्षा दीवार बनाने के साथ ही दूसरा डंपिंग जोन तलाशने की भी मांग की।