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खलियाटॉप से मुनस्यारी तक की पैराग्लाइडिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Sun, 22 Jan 2017 09:59 PM IST
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खलियाटॉप से मुनस्यारी के लिए पैराग्लाइडर से उड़ान भरते मनोज ओली
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ के एडवोकेट और साहसिक खेलों में गहरी रुचि रखने वाले मनोज ओली ने रविवार को 3500 फुट की ऊंचाई पर स्थित खलियाटॉप से मुनस्यारी तक पैराग्लाइडिंग की। वह अकेले पैराग्लाइडर लेकर उड़े। पिछले साल ओली ने टेंडम ग्लाइडर से उड़ान भरी थी। तब उनके साथ पैराग्लाइडर में एक पायलट भी था। खलियाटॉप से मुनस्यारी तक पैराग्लाइडिंग आसानी से की जा सकती है। मनोज ओली हवा में 20 मिनट तक रहे और सुरक्षित मुनस्यारी के हेलीपैड पर उतर गए।
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मनोज ओली ने बताया कि खलियाटॉप से पैराग्लाइडिंग करने का मजा कुछ और ही है। एक तरफ पंचाचूली की चोटियों के करीब से पैराग्लाइडर उड़ता है तो दूसरी तरफ मुनस्यारी नगर का रमणीक दृश्य सामने दिखता है। मुनस्यारी के आसपास के गांव पैराग्लाइडर से देखने में काफी सुंदर लगते हैं। उन्होंने कहा कि रविवार को मौसम साफ था और हवा का रुख भी अनुकूल बना रहा।
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मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने पैराग्लाइडिंग कराने में मदद की। कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक धीराज गर्ब्याल ने मोनाल संस्था से कहा है कि वह निजी स्तर पर खलियाटॉप में साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें। पैराग्लाइडिंग कराते समय राहुल भट्ट, चंचल प्रसाद भी मौजूद थे। मुनस्यारी से कई लोगों ने पैराग्लाइडिंग के नजारे को देखा।
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