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तीन ग्राम पंचायतों में बिखरेगी चाय की महक
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कनालीछीना के डुंगरी ग्राम पंचायत क्षेत्र में विकसित चाय नर्सरी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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कनालीछीना (पिथौरागढ़)। कनालीछीना ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायतें चाय की खुशबू से महकेंगी। टी बोर्ड के सहयोग से गांव में चाय नर्सरी का काम शुरू किया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र चाय के लिए जाना जाएगा। वर्तमान में पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग ब्लॉक को चाय के लिए जाना जाता है।
टी बोर्ड के सहयोग से ग्राम पंचायत डुंगरी, लीमाटोड़ा, पाली में चाय नर्सरी तैयार की गई है। 60 हेक्टेअर भूमि में छह लाख पौध तैयार किए गए हैं। चाय नर्सरी विकसित होने के बाद क्षेत्र के 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्तमान में तैयार की गई चार नर्सरी में 55 लोग रोजगार कर रहे हैं। टी बोर्ड की यह पहल अगर सफर होती है तो निश्चित तौर पर क्षेत्र चाय के लिए भी जाना जाएगा। इससे पहले यह क्षेत्र माल्टा और संतरा उत्पादन में सबसे आगे रहा है। यहां पैदा होने वाले माल्टे और संतरे की मिठास काफी अलग है। क्षेत्र की भूमि काफी उपजाऊ है। चाय नर्सरी के लिए काफी उपयुक्त है।
टी बोर्ड ने क्षेत्र में चाय नर्सरी को लगाकर काफी अच्छा फैसला लिया है। क्षेत्र की भूमि काफी उपजाऊ है। चाय नर्सरी विकसित होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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उमेद सिंह, पूर्व सैनिक।
चाय नर्सरी में वर्तमान में 55 महिला- पुरुष को रोजगार मिला है। अगर चाय नर्सरी विकसित होती है तो बड़े पैमाने पर क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा।
केशर सिंह, मैनेजर, चाय नर्सरी।
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टी बोर्ड के सहयोग से ग्राम पंचायत डुंगरी, लीमाटोड़ा, पाली में चाय नर्सरी तैयार की गई है। 60 हेक्टेअर भूमि में छह लाख पौध तैयार किए गए हैं। चाय नर्सरी विकसित होने के बाद क्षेत्र के 200 लोगों को रोजगार मिलेगा। वर्तमान में तैयार की गई चार नर्सरी में 55 लोग रोजगार कर रहे हैं। टी बोर्ड की यह पहल अगर सफर होती है तो निश्चित तौर पर क्षेत्र चाय के लिए भी जाना जाएगा। इससे पहले यह क्षेत्र माल्टा और संतरा उत्पादन में सबसे आगे रहा है। यहां पैदा होने वाले माल्टे और संतरे की मिठास काफी अलग है। क्षेत्र की भूमि काफी उपजाऊ है। चाय नर्सरी के लिए काफी उपयुक्त है।
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टी बोर्ड ने क्षेत्र में चाय नर्सरी को लगाकर काफी अच्छा फैसला लिया है। क्षेत्र की भूमि काफी उपजाऊ है। चाय नर्सरी विकसित होने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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उमेद सिंह, पूर्व सैनिक।
चाय नर्सरी में वर्तमान में 55 महिला- पुरुष को रोजगार मिला है। अगर चाय नर्सरी विकसित होती है तो बड़े पैमाने पर क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा।
केशर सिंह, मैनेजर, चाय नर्सरी।