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हिमपात की दृष्टि से चार पड़ाव संवेदनशील

Wed, 22 Feb 2017 09:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Wed, 22 Feb 2017 09:56 PM IST
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Four halt sensitive in terms of snow
कैलाश यात्रा मार्ग के सिर्खा पड़ाव के आसपास जमी बर्फ - फोटो : अमर उजाला

कैलाश मानसरोवर और छोटा कैलाश यात्रा मार्ग के चार पड़ाव हिमपात की दृष्टि से संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। हर साल सर्दियों में इन पड़ावों को बर्फबारी से नुकसान पहुंचता है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के आवासीय भवनों को क्षति पहुंचती है। इस बार भी इन भवनों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी नुकसान की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है क्योंकि पड़ावों की स्थिति का जायजा लेने वाली टीम अप्रैल में जाएगी।

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर कालापानी और नाभीढांग के पड़ावों पर भारी हिमपात होता है। कभी-कभी इन स्थानों पर पांच फुट तक बर्फ जम जाती है। लंबे समय तक भवनों की छत पर जमा रहने वाली यह बर्फ नुकसान पहुंचाती है। पिछले साल भी दोनों पड़ावों को हिमपात से खासा नुकसान पहुंचा था। इसी तरह छोटा कैलाश यात्रा मार्ग पर कुटी और ज्योलिंगकांग के पड़ाव हमेशा भारी हिमपात के कारण नुकसान झेलते हैं। केएमवीएन के अधिकारियों का कहना है कि इन इलाकों में अक्तूबर से बर्फ गिरने लगती है और अप्रैल तक हिमपात की आशंका रहती है। तापमान शून्य से दस डिग्री नीचे होने के कारण बर्फ जल्दी नहीं पिघल पाती। इस कारण छतों पर गिरी बर्फ का वजन लंबे समय तक टिका रह जाता है और वह नुकसान पहुंचाता है। पड़ावों के कमरों में सीलन आना, दीवारों में नमी के कारण खराबी आना आम बात है।
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केएमवीएन के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि वैसे पड़ावों को हर साल कुछ न कुछ नुकसान होता रहता है। यदि किसी साल ज्यादा बर्फ गिरी तो नुकसान भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यात्रा पड़ावों पर हर साल कुछ न कुछ मरम्मत जरूर करनी पड़ती है। पड़ावों की स्थिति का पता लगाने के बाद इसका आगणन तैयार किया जाता है। शासन से धन मंजूर होते ही मरम्मत का काम किया जाता है। 
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बूंदी से आगे हर पड़ाव पर बर्फ
कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर बूंदी, गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, छोटा कैलाश मार्ग पर कुटी, ज्योलिंगकांग में शीतकाल में जरूर बर्फ गिरती है। इन इलाकों में शीतकाल में आबादी नहीं रहती। लोग जाड़ा शुरू होते ही माइग्रेशन पर घाटी वाले इलाकों में आ जाते हैं। अप्रैल तक इन इलाकों में ठंड का असर बना रहता है।


आईटीबीपी भी तैयार करेगी रास्ते की रिपोर्ट
कैलाश मानसरोवर की यात्रा में अहम रोल अदा करने वाली आईटीबीपी पैदल यात्रा मार्ग की अलग से रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय को भेजा जाएगा। आईटीबीपी की रेकी टीम अगले महीने से रास्ते का सर्वे करेगी। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी ने इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली है।

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