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Pithoragarh News: अक्तूबर में पुल का शिलान्यास, काम अब तक शुरू नहीं हुआ
Sun, 07 Jan 2024 10:30 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 07 Jan 2024 10:30 PM IST
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मूनाकोट ब्लॉक के सिलौनी-क्वीगांव को जोड़ने वाली बदहाल सड़क। स्रोत : ग्रामीण
गणाई गंगोली (पिथौरागढ़)। बनकोट-बागेश्वर सड़क पर सरयू नदी पर मोटर पुल का निर्माण 20 साल बाद भी नहीं हो सका है। इसके चलते दोनों जिलों की सीमा पर स्थित ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परेशान ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार और 15 फरवरी से चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत बनकोट की प्रधान तारा बनकोटी और सामाजिक कार्यकर्ता चंचल सिंह बनकोटी ने बताया कि सड़क बनने के वर्षों बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। एक बार मोटर पुल के लिए आई 11 करोड़ की धनराशि वापस चली गई है। इसके बाद 15.35 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में 12 अक्तूबर को शिलान्यास किया था।
इसके बाद सांसद और विधायक ने सत्येश्वर में 24 अक्तूबर को शिलापट का अनावरण किया था लेकिन पुल का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता इस तरह के दिखावे से परेशान है। उन्होंने बताया कि मोटर पुल का निर्माण नहीं होने से एक घंटे की यात्रा के लिए पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। इससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों बरबाद होता है। उन्होंने पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग उठाई है।
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ग्रामीणों ने किया एलान सड़क पर डामर नहीं तो वोट नहीं
मूनाकोट(पिथौरागढ़)। ब्लॉक के सात गांवों को जोड़ने के लिए सड़क तो बन गई लेकिन अभी तक डामरीकरण नहीं होने से लोगों में गुस्सा है। कच्ची सड़क से परेशान ग्रामीणों ने अब डामर नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है।
मूनाकोट ब्लॉक के सिलौनी से क्वीगांव को जोड़ने वाली छह किमी सड़क का काम वर्ष 2020 में पूरा हो गया था। सड़क बनने से नारसूल, किमतोली, भटढुंगा, पटखानी, बंबाटा, मझेड़ा और क्वीगांव के लोगों को सुविधा मिली। उस समय इन गांवों की आबादी करीब सात हजार थी। इसके बाद भी गांवों से लगातार पलायन होता गया। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में करीब तीन हजार की आबादी दिल्ली, मुंबई, खटीमा, रुद्रपुर बनबसा, पिथौरागढ़ आदि जगहों पर पलायन कर चुकी है।
घाटी वाले इस क्षेत्र में दूध, फल और अनाज काफी मात्रा में होता है। सड़क अधूरी होने से इस पर कोई भी बड़ा वाहन नहीं चलता है। गांव के आठ से 10 छोटे वाहन ही सड़क पर चलते हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज प्रभाकर सिंह सौन ने बताया गांव के लोग कई बार सड़क के डामरीकरण के लिए विभाग को पत्र दे चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। परेशान ग्रामीणों ने अब लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है।
कोट
सिलौनी-क्वीगांव सड़क पर डामरीकरण के प्रथम चरण का आगणन सर्किल ऑफिस भेजा गया था। कुछ आपत्तियां होने से इसे दोबारा भेजा जा रहा है। शासन से जैसे ही धन आवंटित होगा, सड़क पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - मनीष पंत, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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ग्राम पंचायत बनकोट की प्रधान तारा बनकोटी और सामाजिक कार्यकर्ता चंचल सिंह बनकोटी ने बताया कि सड़क बनने के वर्षों बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। एक बार मोटर पुल के लिए आई 11 करोड़ की धनराशि वापस चली गई है। इसके बाद 15.35 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ में 12 अक्तूबर को शिलान्यास किया था।
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इसके बाद सांसद और विधायक ने सत्येश्वर में 24 अक्तूबर को शिलापट का अनावरण किया था लेकिन पुल का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता इस तरह के दिखावे से परेशान है। उन्होंने बताया कि मोटर पुल का निर्माण नहीं होने से एक घंटे की यात्रा के लिए पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। इससे ग्रामीणों का समय और धन दोनों बरबाद होता है। उन्होंने पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग उठाई है।
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ग्रामीणों ने किया एलान सड़क पर डामर नहीं तो वोट नहीं
मूनाकोट(पिथौरागढ़)। ब्लॉक के सात गांवों को जोड़ने के लिए सड़क तो बन गई लेकिन अभी तक डामरीकरण नहीं होने से लोगों में गुस्सा है। कच्ची सड़क से परेशान ग्रामीणों ने अब डामर नहीं तो वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है।
मूनाकोट ब्लॉक के सिलौनी से क्वीगांव को जोड़ने वाली छह किमी सड़क का काम वर्ष 2020 में पूरा हो गया था। सड़क बनने से नारसूल, किमतोली, भटढुंगा, पटखानी, बंबाटा, मझेड़ा और क्वीगांव के लोगों को सुविधा मिली। उस समय इन गांवों की आबादी करीब सात हजार थी। इसके बाद भी गांवों से लगातार पलायन होता गया। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में करीब तीन हजार की आबादी दिल्ली, मुंबई, खटीमा, रुद्रपुर बनबसा, पिथौरागढ़ आदि जगहों पर पलायन कर चुकी है।
घाटी वाले इस क्षेत्र में दूध, फल और अनाज काफी मात्रा में होता है। सड़क अधूरी होने से इस पर कोई भी बड़ा वाहन नहीं चलता है। गांव के आठ से 10 छोटे वाहन ही सड़क पर चलते हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता मनोज प्रभाकर सिंह सौन ने बताया गांव के लोग कई बार सड़क के डामरीकरण के लिए विभाग को पत्र दे चुके हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। परेशान ग्रामीणों ने अब लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है।
कोट
सिलौनी-क्वीगांव सड़क पर डामरीकरण के प्रथम चरण का आगणन सर्किल ऑफिस भेजा गया था। कुछ आपत्तियां होने से इसे दोबारा भेजा जा रहा है। शासन से जैसे ही धन आवंटित होगा, सड़क पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - मनीष पंत, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग।