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पहाड़ की महिलाओं का वनों से गहरा रिश्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:25 PM IST
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थल में चल रही कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागी
- फोटो : अमर उजाला
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वीरांगना ग्राम पंचायत महिला जनप्रतिनिधि संगठन ने आवश्यकता आधारित दो दिनी कार्यशाला का आयोजन किया। अर्पण संस्था के तत्वावधान एवं द हंगर प्रोजेक्ट के सहयोग से हुई कार्यशाला में महिलाओं को पंचायतीराज बजट और वन पंचायत की जानकारी दी गई। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ की महिलाओं का वनों से गहरा रिश्ता रहा है।
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कार्यशाला में महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा कई मुद्दों पर चर्चा की गई। क्षेत्र की कई वन पंचायतों में दस वर्ष से अधिक समय से सरपंच के चुनाव न होने पर चिंता जताई गई। बताया कि वन पंचायतों में सरपंचों का निश्चित समयावधि में चुनाव न होने से वन पंचायतों का महत्व कम होता जा रहा है। लोगों की वनों के प्रति निष्क्रियता बढ़ रही है। कहा कि ग्रामीण महिलाओं की अर्थव्यवस्था वनों पर निर्भर रहती है, लेकिन वनों की देखरेख और संरक्षण के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की जाती।
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कार्यशाला में वन बीट अधिकारी राजेश चंद्र कांडपाल, योगेश आर्या ने महिलाओं को वन और वन्य जीवों की सुरक्षा की जानकारी दी। कार्यशाला में अर्पण संस्था की कार्यक्रम समन्वयक नंदा बसेड़ा, दीपा, रेखा चौहान, नेहा पाल, महिला जनप्रतिनिधि तुरगोली की प्रधान राधा देवी, सत्याल गांव की प्रधान दमयंती जंगपांगी, हीरा देवी, कमला देवी आदि शामिल थे।
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