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फायर सीजन की दस्तक, 2625 हेक्टेयर जंगल के लिए पिथौरागढ़ में एक वनरक्षक
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गणाई गंगोली आयुर्वेदिक अस्पताल में लगी आग को बुझाते मजदूर।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जंगलों में आग की दृष्टि से संवेदनशील फायर सीजन शुरू हो गया है। वन विभाग के पास जिले के करीब 3.15 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र को बचाने की जिम्मेदारी है। इतने बड़े क्षेत्र को आग से बचाने के लिए वन विभाग के पास सिर्फ 120 वन रक्षक ही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो एक वनरक्षक पर 2526 हेक्टेयर जंगल को आग से बचाने का जिम्मा है। ऐसे में संसाधनों की कमी से जूझ रहे वन विभाग के लिए आग की घटनाओें से निपटना किसी चुनौती से कम नहीं होने वाला।
पिथौरागढ़ के सवा तीन लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र में से 2.77 लाख हेक्टेयर पंचायती वन और 75783 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र हैं। तीसरे नंबर पर सिविल वन हैं, जिनका क्षेत्रफल 41700 हेक्टेयर है। फायर सीजन में वनों को आग से बचाने के लिए जिले में 77 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। आग की घटनाएं बढ़ने पर विभाग क्रू स्टेशनों की संख्या बढ़ा सकता है। करीब 3.15 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र को आग से बचाने के लिए विभाग के पास महज 120 वनरक्षक हैं। ऐसे में आग पर नियंत्रण के लिए वन विभाग आईटीबीपी और एसएसबी से भी मदद लेगा।
वर्ष 2022 में हो चुकी हैं आग की 16 घटनाएं
पिथौरागढ़। शीतकाल में बारिश और बर्फबारी ज्यादा होने से इस बार आग की घटनाएं कम हुई हैं। अभी तक आग की सर्वाधिक 16 घटनाएं सिविल वन पंचायतों में हुई हैं, जिससे 23.75 हेक्टेअर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। आरक्षित वन क्षेत्र में हुईं तीन घटनाओं में 5.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वर्ष 2021 में जिले में जंगल की आग की कुल 260 घटनाएं हुई थीं, जिनसे 488 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था।
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घास के लालच में जंगलों को ना जलाएं
पिथौरागढ़। पहाड़ी जिलों में अधिकतर लोग वन पंचायतों के जंगलों में अच्छी घास के लालच में आग लगा देते हैं। पतझड़ का मौसम होने के कारण पिरूल और अन्य सूखे पत्ते होने के कारण आग बढ़ती जाती है। इसे काबू पाना मुश्किल हो जाता है। वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील की है।
फायर सीजन में ये सावधानियां बरतें
- घरों के आसपास सूखीं झाड़ियों को साफ करें
- गैस गोदाम, पेट्रोल पंप स्वामी पांच मीटर तक अच्छे से सूखी झाड़ियां हटा लें
- फायर सीजन में कहीं घूमने जाने पर पिरूल के ऊपर वाहनों को पार्क ना करें
जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ वन विभाग भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई करेगा। जिसमें जेल और जुर्माने का प्राविधान है। लोगों से आग्रह है कि आग की घटनाओं की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। अगर कोई व्यक्ति जंगलों में आग लगा रहा है तो उसका फोटो विडियो वन विभाग को भेंजे। जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। - कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।
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पिथौरागढ़ के सवा तीन लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र में से 2.77 लाख हेक्टेयर पंचायती वन और 75783 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र हैं। तीसरे नंबर पर सिविल वन हैं, जिनका क्षेत्रफल 41700 हेक्टेयर है। फायर सीजन में वनों को आग से बचाने के लिए जिले में 77 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। आग की घटनाएं बढ़ने पर विभाग क्रू स्टेशनों की संख्या बढ़ा सकता है। करीब 3.15 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र को आग से बचाने के लिए विभाग के पास महज 120 वनरक्षक हैं। ऐसे में आग पर नियंत्रण के लिए वन विभाग आईटीबीपी और एसएसबी से भी मदद लेगा।
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वर्ष 2022 में हो चुकी हैं आग की 16 घटनाएं
पिथौरागढ़। शीतकाल में बारिश और बर्फबारी ज्यादा होने से इस बार आग की घटनाएं कम हुई हैं। अभी तक आग की सर्वाधिक 16 घटनाएं सिविल वन पंचायतों में हुई हैं, जिससे 23.75 हेक्टेअर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। आरक्षित वन क्षेत्र में हुईं तीन घटनाओं में 5.50 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। वर्ष 2021 में जिले में जंगल की आग की कुल 260 घटनाएं हुई थीं, जिनसे 488 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था।
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घास के लालच में जंगलों को ना जलाएं
पिथौरागढ़। पहाड़ी जिलों में अधिकतर लोग वन पंचायतों के जंगलों में अच्छी घास के लालच में आग लगा देते हैं। पतझड़ का मौसम होने के कारण पिरूल और अन्य सूखे पत्ते होने के कारण आग बढ़ती जाती है। इसे काबू पाना मुश्किल हो जाता है। वन विभाग ने लोगों से जंगलों में आग न लगाने की अपील की है।
फायर सीजन में ये सावधानियां बरतें
- घरों के आसपास सूखीं झाड़ियों को साफ करें
- गैस गोदाम, पेट्रोल पंप स्वामी पांच मीटर तक अच्छे से सूखी झाड़ियां हटा लें
- फायर सीजन में कहीं घूमने जाने पर पिरूल के ऊपर वाहनों को पार्क ना करें
जंगलों में आग लगाने वालों के खिलाफ वन विभाग भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई करेगा। जिसमें जेल और जुर्माने का प्राविधान है। लोगों से आग्रह है कि आग की घटनाओं की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। अगर कोई व्यक्ति जंगलों में आग लगा रहा है तो उसका फोटो विडियो वन विभाग को भेंजे। जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। - कोको रोसे, डीएफओ पिथौरागढ़।