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वन विभाग उपलब्ध कराएगा रीठे के पौधे
Sun, 13 Jan 2019 11:09 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , अस्कोट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , अस्कोट (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Sun, 13 Jan 2019 11:09 PM IST
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ओगला में नर्सरी में तैयार रीठे के पौधे।
- फोटो : पिथौरागढ़
किसानों की आजीविका को बढ़ाने के लिए वन विभाग सरपंचों के माध्यम से गांवों में रीठे के पौधे उपलब्ध कराएगा।
वन विभाग की ओगला स्थित नर्सरी में करीब दो हजार रीठे की पौध है। इन पौधों को सरपंचों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी आरएस बिष्ट ने बताया कि रीठे के इन पौधों को बरसात में नाम भूमि पर लगाया जा सकता है।
रीठे का पेड़ चार वर्ष बाद फल देने लगता है। नकदी फसल होने से किसानों को तुरंत इसका आर्थिक लाभ मिलेगा। रीठे के फल का प्रयोग सैंपू, साबून आदि बनाने में होता है। वहीं क्षेत्र के सुंदर सिंह, लछी राम ने बताया कि पूर्व में साधन सहकारी समिति के कर्मचारी रीठा खरीदने आते थे, लेकिन अब कोई नहीं आता है। उन्होंने बताया कि उनके पेड़ों में लगा रीठा बर्बाद जा रहा है। उन्होंने रीठे के समुचित विपणन की मांग उठाई है।
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वन विभाग की ओगला स्थित नर्सरी में करीब दो हजार रीठे की पौध है। इन पौधों को सरपंचों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। वन क्षेत्राधिकारी आरएस बिष्ट ने बताया कि रीठे के इन पौधों को बरसात में नाम भूमि पर लगाया जा सकता है।
रीठे का पेड़ चार वर्ष बाद फल देने लगता है। नकदी फसल होने से किसानों को तुरंत इसका आर्थिक लाभ मिलेगा। रीठे के फल का प्रयोग सैंपू, साबून आदि बनाने में होता है। वहीं क्षेत्र के सुंदर सिंह, लछी राम ने बताया कि पूर्व में साधन सहकारी समिति के कर्मचारी रीठा खरीदने आते थे, लेकिन अब कोई नहीं आता है। उन्होंने बताया कि उनके पेड़ों में लगा रीठा बर्बाद जा रहा है। उन्होंने रीठे के समुचित विपणन की मांग उठाई है।
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