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बड़ालू में बनेगा सबसे बड़ा खाद्य प्रसंस्करण केंद्र
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मूनाकोट ब्लॉक के बड़ालू में फूड प्रोसेसिंग सेंटर का काम करते मजदूर। (संवाद न्यूज एजेंसी)
- फोटो : PITHORAGARH
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मूनाकोट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट विकासखंड के बड़ालू में 90 लाख रुपये की लागत से खाद्य प्रसंस्करण केंद्र (फूड प्रोसेसिंग सेंटर) बनेगा। केंद्र बनने से जिले में होने वाले फलों को लंबे समय तक कोल्ड स्टोर में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे जहां फल खराब नहीं होंगे वही इनसे जूस, जैम, जैली आदि का निर्माण किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) के तहत बड़ालू सरस मार्केट की पीछे जूस, जैम, जैली प्रोसेसिंग सेंटर का निर्माण होगा। 90 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर में पहले चरण में 65 लाख में स्टोरेज भवन, लैब, कूलिंग और हीटिंग रूम और शौचालय बनेगा।
भवन निर्माण का काम ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) करेगा। दूसरे चरण में 25 लाख रुपये की लागत से उद्यान विभाग प्रोसेसिंग सेंटर में कई प्रकार की मशीनों को लगाएगा। सेंटर में ड्राई एंड वेट पल्प, सोलर, फिल्टर, वेट मशीन, फ्रिजर सहित 35 छोटी-बड़ी मशीनें लगेंगी।
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बड़ालू के प्रधान दिवाकर जोशी ने क्षेत्र में बहुत मात्रा में होने वाले आम, माल्टे, संतरे, लीची, हल्दी और अदरक के पैदावार को डीएम के सामने रखा था। राज्य सरकार ने इसी को देखते हुए बड़ालू में फूड प्रोसेसिंग सेंटर बनाने को लेकर हरी झंडी दी।
फलों के उत्पादन का बाजार बढ़ेगा
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। जिले में तीन प्रोसेसिंग मशीनें लगी हैं। बड़ालू में बनने वाला फ्रूड प्रोसेसिंग सेंटर जिले का सबसे बड़ा सेंटर होगा। सेंटर बनने से कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा। काश्तकारों को उनके फलों को सही कीमतें मिलने के साथ ही फलों के उत्पादन का बाजार भी बढ़ेगा।
हल्दी और अदरक से बनेंगे कई उत्पाद
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। बड़ालू प्रोसेसिंग सेंटर में जूस, जैम ओर जैली के ताजा उत्पाद मिलेंगे। जिले में हल्दी और अदरक का उत्पादन बहुत मात्रा में होता है। प्रोसेसिंग सेंटर में सौंठ बनाकर पैकेजिंग की जाएगी। सेंटर में क्षेत्र में होने वाले मशालों को पीसने बाद उसे बाजार में बेचा जाएगा।
बीएडीपी के तहत बड़ालू में बनने वाले फूड प्रोसेसिंग सेंटर के भवन निर्माण का काम शुरू हो गया है। भवन निर्माण के बाद मशीनों को खरीदा जाएगा। सेंटर बनने से बागवानी के उत्पादों को यहां लाकर विभिन्न तरीके से प्रयोग में लाया जाएगा। - आरएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़।
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बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (बीएडीपी) के तहत बड़ालू सरस मार्केट की पीछे जूस, जैम, जैली प्रोसेसिंग सेंटर का निर्माण होगा। 90 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सेंटर में पहले चरण में 65 लाख में स्टोरेज भवन, लैब, कूलिंग और हीटिंग रूम और शौचालय बनेगा।
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भवन निर्माण का काम ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) करेगा। दूसरे चरण में 25 लाख रुपये की लागत से उद्यान विभाग प्रोसेसिंग सेंटर में कई प्रकार की मशीनों को लगाएगा। सेंटर में ड्राई एंड वेट पल्प, सोलर, फिल्टर, वेट मशीन, फ्रिजर सहित 35 छोटी-बड़ी मशीनें लगेंगी।
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बड़ालू के प्रधान दिवाकर जोशी ने क्षेत्र में बहुत मात्रा में होने वाले आम, माल्टे, संतरे, लीची, हल्दी और अदरक के पैदावार को डीएम के सामने रखा था। राज्य सरकार ने इसी को देखते हुए बड़ालू में फूड प्रोसेसिंग सेंटर बनाने को लेकर हरी झंडी दी।
फलों के उत्पादन का बाजार बढ़ेगा
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। जिले में तीन प्रोसेसिंग मशीनें लगी हैं। बड़ालू में बनने वाला फ्रूड प्रोसेसिंग सेंटर जिले का सबसे बड़ा सेंटर होगा। सेंटर बनने से कई लोगों को रोजगार भी मिलेगा। काश्तकारों को उनके फलों को सही कीमतें मिलने के साथ ही फलों के उत्पादन का बाजार भी बढ़ेगा।
हल्दी और अदरक से बनेंगे कई उत्पाद
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। बड़ालू प्रोसेसिंग सेंटर में जूस, जैम ओर जैली के ताजा उत्पाद मिलेंगे। जिले में हल्दी और अदरक का उत्पादन बहुत मात्रा में होता है। प्रोसेसिंग सेंटर में सौंठ बनाकर पैकेजिंग की जाएगी। सेंटर में क्षेत्र में होने वाले मशालों को पीसने बाद उसे बाजार में बेचा जाएगा।
बीएडीपी के तहत बड़ालू में बनने वाले फूड प्रोसेसिंग सेंटर के भवन निर्माण का काम शुरू हो गया है। भवन निर्माण के बाद मशीनों को खरीदा जाएगा। सेंटर बनने से बागवानी के उत्पादों को यहां लाकर विभिन्न तरीके से प्रयोग में लाया जाएगा। - आरएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ़।