फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Five bridges demolished, jawans going on foot to patrol the border.

पांच पुल ध्वस्त, लट्ठों पर चलकर गश्त करने सीमा पर जा रहे जवान

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2020 03:40 PM IST
विज्ञापन
Five bridges demolished, jawans going on foot to patrol the border.
लिलम से दुंग तक इन्ही ग्लेशियरों से आवागमन करते है सुरक्षा बल। संजू पंत डीडीहाट - फोटो : AMAR UJALA
संवाद न्यूज एजेंसी, डीडीहाट (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी के लिलम से चीन सीमा तक जाने के लिए जहां सीमा सड़क संगठन सड़क निर्माण के लिए दिन रात कार्य कर रहा है, वही लोनिवि के रख रखाव वाले लिलम-दुंग पैदल मार्ग खस्ताहाल हो गया है। पांच अस्थाई पुल पहले से ही ध्वस्त पड़े हैं। सीमा की निगरानी के लिए तैनात जवानों को सीमा पर गश्त के लिए जाने को नदी नालों में लट्ठे डालकर गुजरना पड़ रहा है। बरसात में पैदल मार्ग कभी भी बंद हो सकता है।
विज्ञापन
भारत चीन सीमा के लिये मुनस्यारी तहसील के लिलम से लेकर दुंग व उससे आगे के 85 किमी पैदल रास्ते के रखरखाव का जिम्मा लोक निर्माण विभाग डीहीहाट के पास है। चीन के भारत सीमा पर उकसाने वाली हरकतों के बाद जहां भारत चीन सीमा पर सुरक्षा बलों की आवाजाही तेज हो गई है। वही लिलम से दुंग व उसके आगे के 44 किमी के पैदल मार्ग पर लगातार ग्लेशियर टूट रहे है, जिससे कई स्थानों पर पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इस मार्ग के छिरकानी, घोड़ाटोन व मापांग में 200 से 500 मीटर के तीन ग्लेशियरों के ऊपर से ही लोनिवि ने पैदल रास्ते का निर्माण किया है, परंतु गर्मी व बारिश होने के कारण यह रास्ते रोज ग्लेशियर खिसकने से गायब हो जा रहे है।
विज्ञापन
वही शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण दुंग के समीप सम गांव, लासपा गाड़ व टोला को जोड़ने वाले 5 अस्थाई पुल टूट गये थे। सीमा पर पहुचने के लिए सुरक्षा बलों को लासपा गाड़ी नदी में डाले लठ्ठे व तख्तों से होकर जाना पड़ रहा है। लगातार बारिश से यह नदी कभी भी सुरक्षा बलों का रास्ता रोक सकती है। माइग्रेशन में अपने गांव लौटने वाले लोग भी रास्ता सही न होने से गांव को नही लौट पा रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टोला, लासपा निवासी नाथ सिह, जसपाल सिंह ने कहा कि नदी पर लगातार बढ़ते जल स्तर व गलेशियरों के टूटने से अपने गांव जाना जान जोखिम में डालने जैसा है। वही सुरक्षा बल जोखिम भरे रास्तों से चीन सीमा पर गश्त करने पंहुच रहे है। वही लोनिवि ने एक माह पूर्व ही इस पैदल रास्ते में 5 पुलों के अस्थाई निर्माण, ग्लेशियरों हटाकर रास्ता निर्माण व पूरे मार्ग के रख रखाव करने हेतु 34 लाख का आगणन शासन को भेजा है। परंतु धनराशि अभी तक लोनिवि को नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed