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पांच ब्लॉक खुले में शौच की प्रथा से मुक्त
दीपक उप्रेती/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 04 Nov 2016 10:44 PM IST
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कनालीछीना का सौ फीसदी शौचालय वाला सतगढ़ गांव
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के पांच विकासखंडों को राज्य स्थापना के दिन नौ नवंबर को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। इन विकासखंडों का बेस लाइन सर्वे हो चुका है और भारत सरकार तथा राज्य सरकार को सात नवंबर को यह रिपोर्ट भेज दी जाएगी कि अब इन विकासखंडों में कोई भी परिवार खुले में शौच नहीं करता।
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बेस लाइन सर्वे की रिपोर्ट तैयार करने से पहले मूनाकोट विकासखंड में 13 घरों में, कनालीछीना में 1400 घरों में, डीडीहाट में 337 घरों में, गंगोलीहाट में 1900 घरों में और बेड़ीनाग विकासखंड में 1400 घरों में शौचालय बनाने का काम चल रहा था। अब यह सभी शौचालय बनकर तैयार हो गए हैं। स्वजल परियोजना की तरफ से इन विकासखंडों के ब्लॉक प्रमुखों और कुछ ग्राम प्रधानों को सम्मानित भी किया जाएगा।
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स्वजल के परियोजना प्रबंधक दीप चंद्र पुनेठा ने बताया कि अब जिले के धारचूला, मुनस्यारी और विण विकासखंड को खुले में शौच की प्रथा से मुक्त करने का अभियान चल रहा है। यह लक्ष्य रखा गया है कि 30 नवंबर तक यह तीनों विकासखंड भी शत-प्रतिशत शौचालय वाले बन जाएं। इसके तहत धारचूला विकासखंड के 12 गांवों को और मुनस्यारी विकासखंड के 36 गांवों को शौचालय बनाने के लिए अग्रिम धनराशि दे दी गई है। विण विकासखंड के गांवों को सात नवंबर को यह राशि दी जाएगी। अब स्वजल परियोजना के साथ-साथ मनरेगा से भी शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है।
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अब गांवों में चलेंगे स्वच्छता के कार्यक्रम
स्वजल परियोजना के तहत शौचालयों के निर्माण का काम पूरा होने के बाद सॉलिड लिक्विड मैनेजमेंट पर कार्यक्रम चलेंगे। इस कार्यक्रम में 150 परिवारों वाले गांव को सात लाख, 300 परिवारों वाले गांव को 12 लाख, 500 परिवारों वाले गांव को 15 लाख और 500 से ज्यादा परिवारों वाले गांव को 20 लाख रुपए की राशि दी जाएगी। इस राशि से गांवों में गंदे पानी के निकास के लिए नालियों का निर्माण होगा। स्वजल के परियोजना प्रबंधक दीप चंद्र पुनेठा ने बताया कि गांवों में सफाई के विशेष अभियान चलाए जाएंगे।