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फर्स्ट रेफरल यूनिट खुद बन गई रेफर सेंटर
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Tue, 24 Apr 2018 10:31 PM IST
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डीडीहाट अस्पताल में मरीजों को देखते डॉक्टर
- फोटो : अमर उजाला
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2002 में डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ केंद्र को सरकार ने धारचूला, मुनस्यारी, थल के अस्पतालों से रेफर होने वाले मरीजों के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) बनाया, लेकिन अब यह अस्पताल खुद ही रेफर सेंटर बनकर रह गया है। नौ डॉक्टरों के स्थान पर अस्पताल में इस समय मात्र तीन डॉक्टर तैनात हैं। महिला डॉक्टर न होने से अस्पताल में स्टाफ नर्सों द्वारा महिलाओं की डिलीवरी कराई जाती है।
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मंगलवार सुबह 7.00 बजे अमर उजाला की टीम अस्पताल पहुंची। अस्पताल के सफाई कर्मचारी वार्डोें की सफाई करते मिले। 8.20 बजे प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक कृपाल मरीजों का परीक्षण कर रहे थे। कुछ मरीजों को आयुष विभाग के डॉ. बीएस मेहरा देख रहे थे। नर्सों की टीम भी सक्रिय थी। कुछ मरीजों के खून की जांच अस्पताल के लैब की जा रही थी। 11.30 तक वार्डों में किसी मरीज को भर्ती नहीं किया गया था। एक्सरे मशीन 15 वर्षों से खराब बताई गई। एक्सरे रूम का दरवाजा बंद था। मरीजों ने बताया कि दवाएं अस्पताल से ही मिल रही हैं।
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अस्पताल में सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, महिला चिकित्सक, नेत्र चिकित्सक सहित नौ डॉक्टरों की तैनाती होनी थी, लेकिन अस्पताल में मात्र एक एमबीबीएस, एक आयुष चिकित्सक और एक दंत चिकित्सक तैनात है।
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रिक्त पड़े पद
अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, फिजीशियन, सर्जन के पद रिक्त हैं। एक्सरे टेक्नीशियन भी अस्पताल में नहीं है।
अस्पताल में 15 दिन के भीतर महिला चिकित्सक की नियुक्ति हो जाएगी। एफआरयू की सुविधा अस्पताल में उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की जाएगी। -विशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट