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Pithoragarh News: शिक्षा से होता है समझ और विकास का मार्ग प्रशस्त
Mon, 22 Jun 2026 10:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:27 PM IST
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पिथौरागढ़ । शैक्षिक दखल समिति के वार्षिक अधिवेशन के दूसरे दिन डीडीहाट डायट में स्त्री शिक्षा के सवालों पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।
प्राचार्य भास्करानंद पांडे ने महिला शिक्षा के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही है जो उचित नेतृत्व, समझ और विकास के मार्ग प्रशस्त करती है।
शिक्षक रमेश चंद्र जोशी ने स्त्री शिक्षा पर विमर्श बढ़ाने की आवश्यकता बताई। शिक्षक महेश चंद्र पुनेठा ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा में पहुंच, नामांकन और गुणवत्ता बढ़ी है। उनके परीक्षा परिणाम बालकों से बेहतर हैं हालांकि विज्ञान, तकनीक और शोध जैसे क्षेत्रों में बालिकाओं की संख्या अब भी कम है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने पर जोर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका ने समाज में बदलाव के लिए महिलाओं को स्वयं आगे आने का आह्वान किया। शिक्षक व लेखक डॉ. महेश बवाड़ी ने कहा कि बालकों को शिक्षित करना ज्यादा जरूरी है। गोेष्ठी में अन्य वक्ताओं ने भी बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया। इस दौरान पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
यहां पूर्व प्राचार्य दुष्यंत पांगती, गोविंद भंडारी, राजेंद्री कन्याल दिनेश कर्नाटक, राजीव जोशी, कुंडल सिंह, प्रवक्ता विनोद बसेड़ा, मीना डसीला, मंजू वर्मा, संतोष मेहता, रामकुमार साहू, लोकेश डसीला आदि थे।
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प्राचार्य भास्करानंद पांडे ने महिला शिक्षा के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही है जो उचित नेतृत्व, समझ और विकास के मार्ग प्रशस्त करती है।
शिक्षक रमेश चंद्र जोशी ने स्त्री शिक्षा पर विमर्श बढ़ाने की आवश्यकता बताई। शिक्षक महेश चंद्र पुनेठा ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा में पहुंच, नामांकन और गुणवत्ता बढ़ी है। उनके परीक्षा परिणाम बालकों से बेहतर हैं हालांकि विज्ञान, तकनीक और शोध जैसे क्षेत्रों में बालिकाओं की संख्या अब भी कम है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने पर जोर दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका ने समाज में बदलाव के लिए महिलाओं को स्वयं आगे आने का आह्वान किया। शिक्षक व लेखक डॉ. महेश बवाड़ी ने कहा कि बालकों को शिक्षित करना ज्यादा जरूरी है। गोेष्ठी में अन्य वक्ताओं ने भी बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया। इस दौरान पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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यहां पूर्व प्राचार्य दुष्यंत पांगती, गोविंद भंडारी, राजेंद्री कन्याल दिनेश कर्नाटक, राजीव जोशी, कुंडल सिंह, प्रवक्ता विनोद बसेड़ा, मीना डसीला, मंजू वर्मा, संतोष मेहता, रामकुमार साहू, लोकेश डसीला आदि थे।
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