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नदी में केमिकल डालने से ग्रामीणों की फसल सूखी

Thu, 26 Apr 2018 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट Updated Thu, 26 Apr 2018 10:47 PM IST
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Dry the villagers' crops by putting chemicals in the river
झूलाघाट के बल्तड़ी में केमिकल से उजड़ी खेती - फोटो : अमर उजाला

महाकाली नदी के किनारे स्थित बल्तड़ी और तड़ीगांव को पेयजल के साथ ही सिंचाई की सुविधा देने वाली सहायक नदी मनानीगाड़ में केमिकल डालकर मछलियां मारी जा रही है। नदी के दूषित पानी पीने से ग्रामीणों के मवेशी बीमार पड़ रहे हैं। उनकी प्याज की फसल भी जल गई है।  

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बल्तड़ी, तड़ीगांव को पेयजल की आपूर्ति मनानीगाड़ से की जाती है। जानवरों के पीने और खेती की सिंचाई के लिए भी इसी पानी का उपयोग किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि मनानीगाड़ में कुछ लोगों द्वारा केमिकल डालकर अवैध रूप से मछलियों को मारा जा रहा है। केमिकल युक्त पानी पीने उनके मवेशी बीमार पड़ रहे हैं। इसके अलावा खेतों में लगी प्याज की फसल सूख  रही है।  उन्होंने बताया कि गांव के लोग मनानीगाड़ जाकर ढूंढ खोज करते हैं तो केमिकल डालने वाले गांव के लोगों को देखकर भाग जाते हैं।
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उप प्रधान लक्ष्मण चंद, सीमांत संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद, खीमानंद भट्ट, कैलाश भट्ट, पुष्कर, पारस, ललित और खड़क ने जल संस्थान से इसकी शिकायत की है। उन्होंने प्रशासन से मछलियों का अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। इस मामले में उपजिलाधिकारी संतोष कुमार पांडे का कहना है कि यह मामला उनके  संज्ञान में नहीं है। गांव में राजस्व उप निरीक्षक को भेजकर जांच कराई जाएगी, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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