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दूसरे दिन भी नहीं घूमे 108 और खुशियों की सवारियों के पहिये
Thu, 03 Jan 2019 10:05 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Thu, 03 Jan 2019 10:05 PM IST
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पिथौरागढ़ महिला अस्पताल परिसर में खड़ी खुशियों की सवारी
- फोटो : अमर उजाला
आपातकालीन सेवा 108 और खुशियों की सवारी के पहिये दूसरे दिन भी नहीं घूमे। कर्मियों के सामूहिक अवकाश पर रहने से मरीजों और तीमारदारों को आपातकाल में एंबुलेंस नहीं मिल सकी। इससे प्रसव के लिए महिलाओं को निजी खर्च पर अस्पताल पहुंचना पड़ा।
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ओवर टाइम का भुगतान, हर माह की पांच तारीख तक कर्मचारियों के वेतन और बिलों का भुगतान सहित सात सूत्री मांगों को लेकर 108 कर्मी बुधवार से सामूहिक अवकाश पर हैं। एंबुलेंस के चालकों और फार्मासिस्टों के हड़ताल पर रहने से मरीजों को आपातकाल में निजी वाहन बुक कराकर जिला अस्पताल पहुंचना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी प्रसव के लिए जिला अस्पताल पहुंचने में हुई। शुक्रवार को प्रसव के लिए पांच गर्भवती महिलाएं अस्पताल लाई गईं। सभी को वाहन बुक कराकर अस्पताल पहुंचना पड़ा।
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बेड़ीनाग से प्रसव के लिए चंद्रकला को परिजन तीन हजार रुपये में वाहन बुक कराकर जिला अस्पताल लाए। 108 एंबुलेंस के साथ ही खुशियों की सवारियों के भी पहिये जाम होने से प्रसव के बाद महिलाओं के लिए निजी खर्च पर वाहन की व्यवस्था करनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में भी कई मरीजों को आपातकाल में वाहन बुक कराकर पहुंचना पड़ा। इधर, 108 कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष संजीव बोरा का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है, सामूहिक अवकाश से नहीं लौटेंगे।
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108 के चालक और फार्मासिस्ट सामूहिक अवकाश पर हैं। कुछ वाहनों को नए चालकों की मदद से बिना फार्मासिस्ट के संचालित किया जा रहा है। नए चालकों से बातचीत चल रही है। 108 आपातकालीन व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। -प्रमोद भट्ट, कोऑर्डिनेटर 108, पिथौरागढ़।