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Pithoragarh News: जिला अस्पताल बना वाहनों की पार्किंग, सड़क पर उतारे जा रहे मरीज

Wed, 24 Jun 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 24 Jun 2026 10:51 PM IST
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District hospital turns into vehicle parking; patients being offloaded on the road.
जिला अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पार्क दो पहिया वाहन। संवाद
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और अनदेखी मरीजों पर भारी पड़ रही है। अस्पताल परिसर को निजी वाहनों की पार्किंग बना दिया गया है। ऐसे में एंबुलेंस अस्पताल परिसर में प्रवेश नहीं कर पा रही है और मरीज सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल में मरीजों का खासा दबाव रहता है। रोजाना जिले के अन्य अस्पतालों से गंभीर हालत में रेफर मरीजों को भी जिला अस्पताल लाया जाता है। आए दिन एंबुलेंस परिसर के बजाय मुख्य सड़क पर मरीजों को उतार रहीं हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने इसे लेकर पड़ताल की तो अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई। अस्पताल परिसर में मुख्य गेट तक दोपहिया और चौपहिया वाहन पार्क किए जा रहे हैं। सामने आया कि अधिकांश वाहन अस्पताल में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के हैं। ऐसे में एंबुलेंस का परिसर में प्रवेश करना मुश्किल हो रहा है और तीमारदार मरीजों को सड़क पर उतारकर स्ट्रेचर के सहारे इमरजेंसी कक्ष में पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
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अस्पताल प्रबंधन खुद मानता है कि दिल, सांस सहित अन्य कई गंभीर मरीजों के लिए एक कदम भी पैदल चलना खतरे से खाली नहीं है। इससे उनकी जान आफत में पड़ सकती है। जब परिसर में एंबुलेंस जाने के लिए जगह ही नहीं छोड़ी गई है तो संबंधित मरीज को कैसे इमरजेंसी कक्ष तक पहुंचाया जाएगा इसका जवाब अस्पताल प्रबंधन के पास भी नहीं है। अपनों पर दरियादिली दिखाकर मरीजों की जान आफत में कैसे डाली जा सकती है यह सवाल चर्चाओं में है।
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सड़क पर एंबुलेंस खड़ी रहने से लगता है जाम
परिसर में जगह न मिलने पर एंबुलेंस सड़क पर खड़ी रहती है। इससे आए दिन जाम लग रहा है। अस्पताल के पास लगे जाम का असर सिल्थाम और सिमलगैर तक रहता है। जाम लगने से यात्रियों के साथ ही वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
वाहन पार्क करने पर आए दिन होता है विवाद
अस्पताल परिसर में वाहन पार्क करने पर आए दिन विवाद भी होता है। स्वास्थ्य कर्मियों के वाहनों को पार्क करने पर रोक नहीं लगती। कोई तीमारदार अपना वाहन पार्क करता है तो सुरक्षा और स्वास्थ्य कर्मी इसका विरोध करते हैं। इसी बात को लेकर विवाद पैदा होता है और कई बार नौबत मारपीट तक भी पहुंचती है।
केस एक
सीने में दर्द की दिक्कत से जूझते हुए पंडा क्षेत्र के एक 69 वर्षीय बुजुर्ग को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। परिसर में एंबुलेंस के लिए जगह न होने से तीमारदारों ने बीमार बुजुर्ग को सड़क पर उतारा। स्ट्रेचर से उन्हें इमरजेंसी तक पहुंचाया गया। तब उन्हें इलाज मिला।
केस दो
बीते 25 अप्रैल को मरीज के साथ पहुंचे तीमारदार ने अपना चौपहिया वाहन आपातकालीन कक्ष के बाहर पार्क किया। गेट पर तैनात पीआरडी जवान ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर तीमारदार और पीआरडी जवान के बीच विवाद हो गया। नौबत मारपीट तक पहुंच गई।

कोट
निश्चित तौर पर अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में वाहन पार्क हो रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए शीघ्र स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कूपन व्यवस्था की जाएगी। जिसे कूपन जारी होगा वहीं अस्पताल परिसर में वाहन पार्क करने का अधिकारी होगा। इससे परिसर में एंबुलेंस के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी। - डॉ.डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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