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Pithoragarh News: जिला अस्पताल पैक, एक ही बेड पर तीन मरीजों का हो रहा इलाज
Wed, 26 Aug 2026 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:49 PM IST
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी में एक ही बेड पर दो पुरुषों के साथ महिला मरीज का इलाज करते स्वास्थ्य
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पिथौरागढ़। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों की कड़वी हकीकत फिर से सामने आई है। जिला अस्पताल मरीजों से पैक हो गया है। अस्पताल के हर कोने में मरीज भर्ती हैं। अब मजबूरी ऐसी है कि एक ही बेड पर तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है। एक ही बेड पर पुरुषों के साथ महिला मरीज इलाज कराने के लिए मजबूर हैं।
जिले में वायरल, पीलिया, टायफाइड और निमोनिया का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि जिला अस्पताल के सभी बेड, बरामदे और इमरजेंसी फुल हो गई है। जिले के किसी भी अस्पताल में विशेषज्ञ न होने से बेहतर इलाज के लिए सिर्फ जिला अस्पताल का सहारा है। जिला अस्पताल में 120 बेड की क्षमता है। इसके सापेक्ष बुधवार को 175 मरीज भर्ती रहे। हालात यह हैं कि अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इन बदहाल व्यवस्थाओं से अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मरीज बेहाल हैं। अस्पताल प्रबंधन एक बेड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करने के लिए मजबूर है। नतीजन एक ही बेड पर पुरुषों के साथ महिलाओं को भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि करोड़ों रुपये से खोले गए बेस अस्पताल में विशेषज्ञ और अन्य जरूरी सुविधाएं न होने से सुनसानी छाई है और जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह का इंतजाम करना चुनौती बन गया है।
बेड खाली होने का इंतजार
जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी एक हजार से अधिक पहुंच रही है। इनमें से 10 से 15 फीसदी मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ रही है। पहले से ही अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में नए मरीजों को भर्ती करने के लिए तीमारदार बेड खाली होने का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन भी मरीजों को कम समय के लिए भर्ती कर अन्य को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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दवाओं की उपलब्धता की ली जानकारी
पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने जिला अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों और तीमारदारों से इलाज और चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि मरीजों से बाहर से दवा मंगाई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। सभी मरीजों का बेहतर इलाज करना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर बेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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जिले में वायरल, पीलिया, टायफाइड और निमोनिया का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि जिला अस्पताल के सभी बेड, बरामदे और इमरजेंसी फुल हो गई है। जिले के किसी भी अस्पताल में विशेषज्ञ न होने से बेहतर इलाज के लिए सिर्फ जिला अस्पताल का सहारा है। जिला अस्पताल में 120 बेड की क्षमता है। इसके सापेक्ष बुधवार को 175 मरीज भर्ती रहे। हालात यह हैं कि अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड लगाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। इन बदहाल व्यवस्थाओं से अस्पताल प्रबंधन के साथ ही मरीज बेहाल हैं। अस्पताल प्रबंधन एक बेड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करने के लिए मजबूर है। नतीजन एक ही बेड पर पुरुषों के साथ महिलाओं को भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि करोड़ों रुपये से खोले गए बेस अस्पताल में विशेषज्ञ और अन्य जरूरी सुविधाएं न होने से सुनसानी छाई है और जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह का इंतजाम करना चुनौती बन गया है।
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बेड खाली होने का इंतजार
जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी एक हजार से अधिक पहुंच रही है। इनमें से 10 से 15 फीसदी मरीजों को भर्ती करने की नौबत आ रही है। पहले से ही अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है। ऐसे में नए मरीजों को भर्ती करने के लिए तीमारदार बेड खाली होने का इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन भी मरीजों को कम समय के लिए भर्ती कर अन्य को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
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दवाओं की उपलब्धता की ली जानकारी
पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने जिला अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों और तीमारदारों से इलाज और चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर को मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि मरीजों से बाहर से दवा मंगाई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव बढ़ गया है। सभी मरीजों का बेहतर इलाज करना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर बेड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।