{"_id":"5c703352bdec224bf1020a7d","slug":"disgruntled-anarchists-protest-in-dharchula","type":"story","status":"publish","title_hn":"धारचूला में उपेक्षा से नाराज अनशनकारियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धारचूला में उपेक्षा से नाराज अनशनकारियों ने किया प्रदर्शन
Fri, 22 Feb 2019 11:07 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Fri, 22 Feb 2019 11:07 PM IST
विज्ञापन
धारचूला में नोटीफाइड एरिया को लेकर अनशन में बैठे लोग।
- फोटो : पिथौरागढ़
इनर लाइन छियालेख से पुन: जौलजीबी लाओ-धारचूला बचाओ अभियान के तहत सीमांत धारचूला तहसील में क्रमिक अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। इस अवसर पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अनशनकारियों ने प्रदर्शन किया।
शुक्रवार को अमर सिंह बनंग्याल, इंद्र सिंह दरियाल, हिमराज सिंह चलाल, सुखराज चलाल, दीपू दरियाल, छोरीदेवी बोनाल अनशन में बैठे। रमेश थलाल, पूरन सिंह, विशन कुटियाल, जितेंद्र वर्मा, हरीश कुटियाल, गजेंद्र राम, बिंदु रौंकली, नंदा बिष्ट, भगवती नबियाल, विमला रौंकली, कृष्णा गर्ब्याल, दौलत सिंह फकलियाल सहित दिलिंग दारमा सेवा समिति के कई सदस्यों ने समर्थन में धरना दिया।
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार सीमांत तहसील क्षेत्र की उपेक्षा कर रही है। पूरन सिंह सेलाल और बिंदु रौंकली ने कहा कि आंदोलन को इतने दिन बीतने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई है।
विज्ञापन
जब तक उनकी मांग पर सुनवाई नहीं होती है आंदोलन जारी रखा जाएगा। आंदोलन के संयोजक दिनेश सिंह चलाल ने बताया कि 24 फरवरी को प्रस्तावित चक्काजाम फिलहाल टाल दिया है। अब 24 को बैठक की जाएगी और 27 फरवरी को महासभा करने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
शुक्रवार को अमर सिंह बनंग्याल, इंद्र सिंह दरियाल, हिमराज सिंह चलाल, सुखराज चलाल, दीपू दरियाल, छोरीदेवी बोनाल अनशन में बैठे। रमेश थलाल, पूरन सिंह, विशन कुटियाल, जितेंद्र वर्मा, हरीश कुटियाल, गजेंद्र राम, बिंदु रौंकली, नंदा बिष्ट, भगवती नबियाल, विमला रौंकली, कृष्णा गर्ब्याल, दौलत सिंह फकलियाल सहित दिलिंग दारमा सेवा समिति के कई सदस्यों ने समर्थन में धरना दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार सीमांत तहसील क्षेत्र की उपेक्षा कर रही है। पूरन सिंह सेलाल और बिंदु रौंकली ने कहा कि आंदोलन को इतने दिन बीतने के बाद भी कोई सुध नहीं ली गई है।
विज्ञापन
जब तक उनकी मांग पर सुनवाई नहीं होती है आंदोलन जारी रखा जाएगा। आंदोलन के संयोजक दिनेश सिंह चलाल ने बताया कि 24 फरवरी को प्रस्तावित चक्काजाम फिलहाल टाल दिया है। अब 24 को बैठक की जाएगी और 27 फरवरी को महासभा करने पर विचार किया जाएगा।