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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में आबादी के साथ बढ़ी बीमारी, अस्पतालों में नहीं बढ़े भर्ती होने के लिए बेड
Fri, 18 Sep 2026 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 18 Sep 2026 11:00 PM IST
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पिथौरागढ़। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेहतरी के दावे तो खूब हो रहे हैं लेकिन इनका असर धरातल पर नहीं दिख रहा है। सीमांत जिला भी इन्हीं बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं से जूझ रहा है। जिले की आबादी बढ़ने के साथ ही बीमारी भी बढ़ रही है। हैरानी है कि जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल के साथ ही अन्य चिकित्सालयों में बेड की क्षमता नहीं बढ़ रही है। आबादी के लिहाज से बात करें तो जिले के अस्पतालों में 1656 लोगों के लिए एक बेड की व्यवस्था है।
आंकड़ों के मुताबिक, तीन दशक पहले जिला अस्पताल में बेड की क्षमता 50 से बढ़ाकर 120 की गई। वहीं जिले के पीएचसी और सीएचसी में 212 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। इन 30 सालों में जिले की आबादी भी करीब 40 फीसदी बढ़कर 5.50 लाख पहुंची है। आबादी के लिहाज से जिला अस्पताल में अब तक बेड की क्षमता नहीं बढ़ने से इसकी मार जिले के लोग सह रहे हैं।
जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ रहे हैं और उन्हें बरामदे में बिस्तर लगाकर इलाज कराना पड़ रहा है। हर दिन चिंताजनक हालात सामने आ रहे हैं। ऐसा इसलिए कि अतिरिक्त बिस्तर लगाने के लिए जगह न मिलने से एक बेड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करना मजबूरी बन रहा है। अन्य अस्पतालों में भी हालात यही हैं और अब तक पीएचसी और सीएचसी में भी न तो बेहतर इलाज के लिए विशेषज्ञ सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार हो सका है और न ही बेड की क्षमता बढ़ सकी है।
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पीएचसी, सीएचसी में लगे बिस्तर हैं खाली
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में टाइप ए और बी पीएचसी और सीएचसी में ही मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है। जिले में संचालित धारचूला में संयुक्त जिला अस्पताल, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी सीएचसी और कनालीछीना, इग्यारदेवी, बड़ालू, गणाई गंगोली, गोचर, मुवानी पीएचसी में मरीजों को भर्ती करने के लिए 212 बिस्तर लगे हैं। हैरानी है कि इन अस्पतालों में विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से मरीज भर्ती नहीं होते। अधिकतर मरीज बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में पीएचसी, सीएचसी में लगे बेड खाली हैं और जिला अस्पताल में दबाव बढ़ने से मरीजों को भर्ती होने से जगह नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पीएचसी, सीएचसी में लगे 212 बिस्तरों में औसतन रोजाना 40 से 50 मरीज ही भर्ती हो रहे हैं। संवाद
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जिला अस्पताल में करीब तीन दशक पहले बेड की क्षमता बढ़ी थी। जिले में मेडिकल कॉलेज का जल्द संचालन होना है। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल बनेगा। इसके बाद जिला अस्पताल में बेड की कमी पूरी तरह दूर हो जाएगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। -डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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आंकड़ों के मुताबिक, तीन दशक पहले जिला अस्पताल में बेड की क्षमता 50 से बढ़ाकर 120 की गई। वहीं जिले के पीएचसी और सीएचसी में 212 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था है। इन 30 सालों में जिले की आबादी भी करीब 40 फीसदी बढ़कर 5.50 लाख पहुंची है। आबादी के लिहाज से जिला अस्पताल में अब तक बेड की क्षमता नहीं बढ़ने से इसकी मार जिले के लोग सह रहे हैं।
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जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड कम पड़ रहे हैं और उन्हें बरामदे में बिस्तर लगाकर इलाज कराना पड़ रहा है। हर दिन चिंताजनक हालात सामने आ रहे हैं। ऐसा इसलिए कि अतिरिक्त बिस्तर लगाने के लिए जगह न मिलने से एक बेड पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करना मजबूरी बन रहा है। अन्य अस्पतालों में भी हालात यही हैं और अब तक पीएचसी और सीएचसी में भी न तो बेहतर इलाज के लिए विशेषज्ञ सहित अन्य सुविधाओं का विस्तार हो सका है और न ही बेड की क्षमता बढ़ सकी है।
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पीएचसी, सीएचसी में लगे बिस्तर हैं खाली
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में टाइप ए और बी पीएचसी और सीएचसी में ही मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है। जिले में संचालित धारचूला में संयुक्त जिला अस्पताल, गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, मुनस्यारी सीएचसी और कनालीछीना, इग्यारदेवी, बड़ालू, गणाई गंगोली, गोचर, मुवानी पीएचसी में मरीजों को भर्ती करने के लिए 212 बिस्तर लगे हैं। हैरानी है कि इन अस्पतालों में विशेषज्ञ और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से मरीज भर्ती नहीं होते। अधिकतर मरीज बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल पर ही निर्भर हैं। ऐसे में पीएचसी, सीएचसी में लगे बेड खाली हैं और जिला अस्पताल में दबाव बढ़ने से मरीजों को भर्ती होने से जगह नहीं मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पीएचसी, सीएचसी में लगे 212 बिस्तरों में औसतन रोजाना 40 से 50 मरीज ही भर्ती हो रहे हैं। संवाद
जिला अस्पताल में करीब तीन दशक पहले बेड की क्षमता बढ़ी थी। जिले में मेडिकल कॉलेज का जल्द संचालन होना है। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल बनेगा। इसके बाद जिला अस्पताल में बेड की कमी पूरी तरह दूर हो जाएगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। -डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़