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मुनस्यारी के आपदा प्रभावित देख रहे हैं विस्थापन की राह
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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी ब्लॉक के जोशा, धापा, राप्ती, टांगा, कुलथम, मिलम, क्वीरीजिमिया, सैनर, तल्ला दुम्मर, पैंकुटी, भंडारी गांव, झेकला, बंगापानी आदि क्षेत्रों के दो सौ से अधिक आपदा प्रभावित लोगों का एक साल बाद भी विस्थापन नहीं हो पाया है, जबकि विस्थापन की फाइल शासन को भेजे कई महीने हो गए हैं। इसके बाद भी अभी तक इन्हें विस्थापन की उम्मीद नहीं दिख रही है।
जून 2020 में जोशा, धापा, राप्ती, टांगा, कुलथम, मिलम, क्वीरीजिमिया, सैनर, तल्ला दुम्मर, पैंकुटी, भंडारी गांव, झेकला, बंगापानी क्षेत्र के लोग आपदा से प्रभावित हुए। एक साल बाद भी वे परेशानियों से जूझ रहे हैं। कुछ टेंटों, कुछ अपने रिश्तेदारों, कुछ अन्य जगह शरण लिए हुए हैं।
प्रधान जोशा राजेश रोशन ने कहा कि अभी तक विस्थापन नहीं हुआ है, जबकि भूमि चिन्हीकरण हो चुका है। फाइल तैयार हो चुकी है। परंतु कोई आदेश नहीं हुआ है।
ये भी पता नहीं कि विस्थापन की फाइल शासन में पहुंची भी या नहीं। ब्लॉक से जिले को फाइल भेजी जा चुकी है। जोशा के छह आपदा प्रभावित अभी भी टेंटों में रहने को मजबूर हैं।
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विस्थापन कब तक होगा। इसकी कोई जानकारी नहीं है। समय पर विस्थापन हो जाता तो अच्छा था। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश भी लगातार परीक्षा ले रही है।
खगेंद्र सिंह, आपदा प्रभावित, जोशा
विस्थापन की राह देखते-देखते आंखें पथरा गई हैं। एक साल बीतने को है। मगर अभी तक विस्थापन नहीं हो पाया है। छह परिवार अभी भी टेंट में रहने को मजबूर हैं।
भागुली देवी, आपदा प्रभावित, जोशा।
ब्लॉक स्तर से आपदा प्रभावितों के विस्थापन की फाइल तैयार कर जिला मुख्यालय से शासन को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही विस्थापन की कार्यवाही की जाएगी।
अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, मुनस्यारी
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जून 2020 में जोशा, धापा, राप्ती, टांगा, कुलथम, मिलम, क्वीरीजिमिया, सैनर, तल्ला दुम्मर, पैंकुटी, भंडारी गांव, झेकला, बंगापानी क्षेत्र के लोग आपदा से प्रभावित हुए। एक साल बाद भी वे परेशानियों से जूझ रहे हैं। कुछ टेंटों, कुछ अपने रिश्तेदारों, कुछ अन्य जगह शरण लिए हुए हैं।
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प्रधान जोशा राजेश रोशन ने कहा कि अभी तक विस्थापन नहीं हुआ है, जबकि भूमि चिन्हीकरण हो चुका है। फाइल तैयार हो चुकी है। परंतु कोई आदेश नहीं हुआ है।
ये भी पता नहीं कि विस्थापन की फाइल शासन में पहुंची भी या नहीं। ब्लॉक से जिले को फाइल भेजी जा चुकी है। जोशा के छह आपदा प्रभावित अभी भी टेंटों में रहने को मजबूर हैं।
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विस्थापन कब तक होगा। इसकी कोई जानकारी नहीं है। समय पर विस्थापन हो जाता तो अच्छा था। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश भी लगातार परीक्षा ले रही है।
खगेंद्र सिंह, आपदा प्रभावित, जोशा
विस्थापन की राह देखते-देखते आंखें पथरा गई हैं। एक साल बीतने को है। मगर अभी तक विस्थापन नहीं हो पाया है। छह परिवार अभी भी टेंट में रहने को मजबूर हैं।
भागुली देवी, आपदा प्रभावित, जोशा।
ब्लॉक स्तर से आपदा प्रभावितों के विस्थापन की फाइल तैयार कर जिला मुख्यालय से शासन को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही विस्थापन की कार्यवाही की जाएगी।
अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, मुनस्यारी