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सीमांत पिथौरागढ़ जिले में 36 घंटे तक रहे कालापानी जैसे हालात
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धारचूला के सोबला में मकान ध्वस्त होने के बाद बचा खुचा सामान एकत्र करते पीड़ित परिवार के सदस्य। सं
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सीमांत पिथौरागढ़ जिले को कालापानी कहा जाता है लेकिन मूसलाधार बारिश के रूप में बरसी आसमानी आफत के दौरान यह पहला मौका था जब पूरे सीमांत के कई लोगों ने बंद सड़कों और बिना संचार सुविधा के कालापानी जैसे हालात को महसूस किया। सड़कों का नेटवर्क ध्वस्त होने के साथ ही 36 घंटे से भी अधिक समय तक जिले के लोग संचार सेवाओं में आई खराबी के कारण शेष दुनिया से कटे रहे।
जिले में सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल के साथ ही तीन निजी कंपनियों की संचार सेवाएं उपलब्ध हैं लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण बीएसएनएल की सेवाएं सोमवार रात से बाधित हो गई थी। मंगलवार सुबह एक निजी कंपनी को छोड़कर शेष कंपनियों के सिग्नल गायब रहे। शाम को केवल बीएसएनएल के नेटवर्क ने काम किया। रात 10 बजे इसका नेटवर्क भी ठप हो गया।
पूरे दिन लोगों को संचार संपर्क के लिए परेशान होना पड़ा। इंटरनेट सेवाएं भी बाधित होने से भी लोगों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। इससे बुरे हालात बुधवार की सुबह नजर आए जब सभी संचार कंपनियों के नेटवर्क फोन से गायब थे। बीएसएनएल सहित तीन अन्य निजी संचार कंपनियों का नेटवर्क बंद होने से लोगों का कहीं संपर्क नहीं हो सका। लोगों किसी परिचित का न तो हाल जान सके और न ही सूचना का आदान-प्रदान कर सके।
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जिले को जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ ही आंतरिक सड़कों के बंद होने से लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को किसी तरह की सूचना के लिए या तो स्वयं जाना पड़ा या किसी के माध्यम से सूचना भेजनी पड़ी।
बेहद जरूरी होने से वाहन बदल बदलकर खराब मौसम में यात्रा पर निकले लोगों के परिजन भी संचार संपर्क न होने से परेशान रहे। सड़कों के बंद होने से रास्ते में फंसे सामान लदे वाहनों के बारे में कोई जानकारी ट्रांसपोर्टरों को भी नहीं मिल सकी। इससे व्यापारी वर्ग को भी परेशानी उठानी पड़ी।
ऑनलाइन कामकाज और पढ़ाई भी रही ठप
पिथौरागढ़। कोरोना काल के बाद बढ़े वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई के ट्रेंड पर भी संचार सेवाएं ठप होने से बुरा प्रभाव पड़ा। दो दिन से कामकाम नहीं हो सका। पिछले कुछ समय से पिथौरागढ़ में रहकर ऑनलाइन काम कर रहे ललित मोहन ने बताया कि दो दिन से नेटवर्क ठप होने से ऑनलाइन काम नहीं हो पाया है। यहां तक कि दिल्ली में कंपनी प्रबंधन को भी सूचना देने तक के लिए नेटवर्क नहीं है। छात्र तनुज ने बताया कि वह ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं लेकिन दो दिन से नेटवर्क न होने से पढ़ाई ठप है।
दिन भर शोपीस बने रहे एटीएम
पिथौरागढ़। संचार सेवाओं के भंग होने से एटीएम भी दिन भर शोपीस बने रहे। तीन दिन बाद मौसम खुला तो खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे कई लोग एटीएम तक गए लेकिन एटीएम से रुपये नहीं निकल सके। बुधवार को संचार सेवाओं के ठप होने से बैंकों में भी कामकाज नहीं हो सका। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
शहर से लेकर गांव तक परेशान रही पांच लाख की आबादी
पिथौरागढ़। संचार सेवाओं के एक साथ ठप होने से पिथौरागढ़ जिले की शहर से लेकर गांव तक की पांच लाख की आबादी परेशान रही। यहां तक कि हादसों की सूचना तक लोगों को नहीं मिल सकी। लोग टीवी पर देश-दुनिया का हाल देखते रहे लेकिन अपने जिले की घटनाओं की सूचना नहीं मिल सकी। इससे मीडिया कर्मियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।
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जिले में सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल के साथ ही तीन निजी कंपनियों की संचार सेवाएं उपलब्ध हैं लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण बीएसएनएल की सेवाएं सोमवार रात से बाधित हो गई थी। मंगलवार सुबह एक निजी कंपनी को छोड़कर शेष कंपनियों के सिग्नल गायब रहे। शाम को केवल बीएसएनएल के नेटवर्क ने काम किया। रात 10 बजे इसका नेटवर्क भी ठप हो गया।
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पूरे दिन लोगों को संचार संपर्क के लिए परेशान होना पड़ा। इंटरनेट सेवाएं भी बाधित होने से भी लोगों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित रहा। इससे बुरे हालात बुधवार की सुबह नजर आए जब सभी संचार कंपनियों के नेटवर्क फोन से गायब थे। बीएसएनएल सहित तीन अन्य निजी संचार कंपनियों का नेटवर्क बंद होने से लोगों का कहीं संपर्क नहीं हो सका। लोगों किसी परिचित का न तो हाल जान सके और न ही सूचना का आदान-प्रदान कर सके।
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जिले को जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ ही आंतरिक सड़कों के बंद होने से लोगों को और अधिक परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को किसी तरह की सूचना के लिए या तो स्वयं जाना पड़ा या किसी के माध्यम से सूचना भेजनी पड़ी।
बेहद जरूरी होने से वाहन बदल बदलकर खराब मौसम में यात्रा पर निकले लोगों के परिजन भी संचार संपर्क न होने से परेशान रहे। सड़कों के बंद होने से रास्ते में फंसे सामान लदे वाहनों के बारे में कोई जानकारी ट्रांसपोर्टरों को भी नहीं मिल सकी। इससे व्यापारी वर्ग को भी परेशानी उठानी पड़ी।
ऑनलाइन कामकाज और पढ़ाई भी रही ठप
पिथौरागढ़। कोरोना काल के बाद बढ़े वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई के ट्रेंड पर भी संचार सेवाएं ठप होने से बुरा प्रभाव पड़ा। दो दिन से कामकाम नहीं हो सका। पिछले कुछ समय से पिथौरागढ़ में रहकर ऑनलाइन काम कर रहे ललित मोहन ने बताया कि दो दिन से नेटवर्क ठप होने से ऑनलाइन काम नहीं हो पाया है। यहां तक कि दिल्ली में कंपनी प्रबंधन को भी सूचना देने तक के लिए नेटवर्क नहीं है। छात्र तनुज ने बताया कि वह ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं लेकिन दो दिन से नेटवर्क न होने से पढ़ाई ठप है।
दिन भर शोपीस बने रहे एटीएम
पिथौरागढ़। संचार सेवाओं के भंग होने से एटीएम भी दिन भर शोपीस बने रहे। तीन दिन बाद मौसम खुला तो खरीदारी के लिए बाजार पहुंचे कई लोग एटीएम तक गए लेकिन एटीएम से रुपये नहीं निकल सके। बुधवार को संचार सेवाओं के ठप होने से बैंकों में भी कामकाज नहीं हो सका। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
शहर से लेकर गांव तक परेशान रही पांच लाख की आबादी
पिथौरागढ़। संचार सेवाओं के एक साथ ठप होने से पिथौरागढ़ जिले की शहर से लेकर गांव तक की पांच लाख की आबादी परेशान रही। यहां तक कि हादसों की सूचना तक लोगों को नहीं मिल सकी। लोग टीवी पर देश-दुनिया का हाल देखते रहे लेकिन अपने जिले की घटनाओं की सूचना नहीं मिल सकी। इससे मीडिया कर्मियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी।

पिथौरागढ़ के बलकोट में मलबा आने से खतरे की जद में आए मकान। संवाद- फोटो : PITHORAGARH