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आपदा प्रभावित क्षेत्र के झूलापुल की हालत जर्जर

Fri, 18 Aug 2017 10:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी Updated Fri, 18 Aug 2017 10:42 PM IST
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Disaster-affected area's swinging condition worsened
बंगापानी से मदरमा, मवानीदवानी जाने वाला जर्जर हालत में पहुंचा झूलापुल - फोटो : अमर उजाला

बंगापानी तहसील मुख्यालय से आपदा प्रभावित मदरमा, मवानीदवानी, दारमा, धामीगांव, माणीधामी को जाने के लिए गोरी नदी पर बना झूलापुल जर्जर हालत में है। झूलापुल पर बिछाया गया डामर उखड़ गया है। कई जगह पुल पर लगे टिन भी बाहर को निकल आए हैं। इस पुल से जानवरों की आवाजाही भी होती है। पुल से किसी भी समय कोई घटना हो सकती है।

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लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2016 में पुल की मरम्मत के लिए निविदा आमंत्रित की थी और ठेकेदार को मरम्मत का काम सौंपा था। ठेकेदार ने जैसे ही काम शुरू किया तो घटिया गुणवत्ता के कारण लोगों ने विरोध कर दिया। नतीजतन ठेकेदार ने काम बंद कर दिया और एक वर्ष से वह पुल की तरफ देखने के लिए तक नहीं आया। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता पुष्कर सिंह का कहना है कि आपदा प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाले इस झूलापुल को जर्जर हालत में छोड़ना ठीक नहीं है।
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उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मांग की है कि पुल की मरम्मत की जाए और काम रुकने के कारणों की जांच की जाए। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा। लोनिवि के अधिशासी अभियंता एबी कांडपाल का कहना है कि जल्द ही पुल की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। 
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मल्ला जोहार को जोड़ने वाला जिमीघाट का पुल टूटा
मुनस्यारी से मल्ला जोहार को जोड़ने वाला जिमीघाट के बलुवाबगड़ में बना पैदल पुल बारिश के दौरान बह गया है। इस कारण मल्ला जोहार के कई गांवों का संपर्क कट गया है। जिमीघाट में टूटे पुल के ऊपर लकड़ी के डंडे डाले गए हैं। लोग जोखिम उठाकर इन डंडों के सहारे आरपार कर रहे हैं। मल्ला जोहार से आ रहे लोगों ने बताया कि पूरा इलाका अलग-थलग पड़ गया है। इलाके में राशन, सब्जी ले जाने की दिक्कत आ रही है। इसके अलावा यदि दुर्भाग्य से कोई बीमार हो जाता है तो उसे अस्पताल तक ले जाने की समस्या है। पुल टूटने से साईपोलू, लीलम, मिलम, बुई, पातो, बुर्फू, पाछू, टोला, गनघर, खिलांच गांवों को जाने का संपर्क कट गया है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह चिराल ने बताया कि पुल टूटने से लोगों की मुसीबत बढ़ रही है। उन्होंने मांग की है कि फिलहाल आवागमन के लिए अस्थायी पुल का निर्माण किया जाए। इस बीच मल्ला जोहार के लोगों ने खतरे को देखते हुए मुनस्यारी की तरफ आना बंद कर दिया है। इस मौसम में इन माइग्रेशन गांवों में सभी परिवार रहते हैं।

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