{"_id":"686aaffa2304dd41f90bf5fa","slug":"didihat-hospital-has-no-pediatrician-for-15-years-pithoragarh-news-c-230-1-pth1003-129906-2025-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: डीडीहाट के अस्पताल में 15 वर्षों से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: डीडीहाट के अस्पताल में 15 वर्षों से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
Sun, 06 Jul 2025 10:48 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 06 Jul 2025 10:48 PM IST
विज्ञापन
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट में पिछले 15 वर्षों से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा जनरल सर्जन, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती भी नहीं हो पाई है। मरीजों को इलाज कराने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के मुताबिक 15 साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण हरिद्वार हो गया था। उसके बाद से यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। नवजात शिशु से लेकर दस साल तक के बच्चों को जांच और इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सरबरी ने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है।
नौ में से पांच पद रिक्त
सीेचसी में आईपीएचएस मानकों के अनुसार स्थायी चिकित्सकों के नौ पद स्वीकृत हैं। पांच पद लंबे समय से रिक्त हैं। जनरल सर्जन, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में कई बार जटिल प्रसव के मामलों में महिला को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। प्रसव पीड़िता और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रसव पीड़िताएं एंबुलेंस में ही शिशुओं को जन्म दे देती हैं। संवाद
विज्ञापन
वर्जन -
जिले में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की तैनाती शासन स्तर से ही संभव है। इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ पिथौरागढ़।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक 15 साल पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डीडीहाट में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण हरिद्वार हो गया था। उसके बाद से यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हुई है। नवजात शिशु से लेकर दस साल तक के बच्चों को जांच और इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सरबरी ने कहा कि बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है।
विज्ञापन
नौ में से पांच पद रिक्त
सीेचसी में आईपीएचएस मानकों के अनुसार स्थायी चिकित्सकों के नौ पद स्वीकृत हैं। पांच पद लंबे समय से रिक्त हैं। जनरल सर्जन, पब्लिक हेल्थ स्पेशलिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ की भी तैनाती नहीं हो पाई है। ऐसे में कई बार जटिल प्रसव के मामलों में महिला को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। प्रसव पीड़िता और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार प्रसव पीड़िताएं एंबुलेंस में ही शिशुओं को जन्म दे देती हैं। संवाद
विज्ञापन
वर्जन -
जिले में चिकित्सकों की कमी है। चिकित्सकों की तैनाती शासन स्तर से ही संभव है। इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ पिथौरागढ़।