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डीडीहाट को मिला आर्थोपेडिक सर्जन, मरीजों को राहत
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी में हड्डी के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अमरीश कुमार की नियुक्ति हो गई है। उनके आने से आर्थो से संबंधित मरीजों को राहत मिल गई है। उन्हें अब इलाज के लिए जिला मुख्यालय या बाहरी जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सीएचसी को 2003 में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिला था लेकिन मानक के अनुरूप इस अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति 19 सालों में नहीं हो सकी। आर्थोपेडिक सर्जन के नहीं होने से हड्डी टूटने पर मरीज को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। राज्य गठन के 22 साल के बाद डीडीहाट सीएचसी में आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अमरीश कुमार की नियुक्ति हुई है।
आर्थो सर्जन के कार्यभार संभालते ही हड्डी संबंधी कई मरीजों को तुरंत ही इलाज मिलने लगा है। एक्स-रेे की सुविधा के साथ सीएचसी में हड्डी टूटने, खिसकने पर तुरंत प्लास्टर लगाकर मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। डॉ. अमरीश ने बताया कि अगर अस्पताल प्रबंधन सीएचसी में एक निश्चेतक और ऑपरेशन थियेटर को विकसित कर देगा तो वह हड्डी से जुड़े गंभीर मरीजों का ऑपरेशन भी सीएचसी में प्रारंभ कर देंगे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. फुरकान ने बताया कि हड्डी से जुड़ी दवाइयां, प्लास्टर का सामान अस्पताल में शीघ्र उपलब्ध होगा। आर्थोपेडिक सर्जन की नियुक्ति के बाद 50 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। संवाद
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सीएचसी को 2003 में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिला था लेकिन मानक के अनुरूप इस अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति 19 सालों में नहीं हो सकी। आर्थोपेडिक सर्जन के नहीं होने से हड्डी टूटने पर मरीज को तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता था। राज्य गठन के 22 साल के बाद डीडीहाट सीएचसी में आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अमरीश कुमार की नियुक्ति हुई है।
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आर्थो सर्जन के कार्यभार संभालते ही हड्डी संबंधी कई मरीजों को तुरंत ही इलाज मिलने लगा है। एक्स-रेे की सुविधा के साथ सीएचसी में हड्डी टूटने, खिसकने पर तुरंत प्लास्टर लगाकर मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। डॉ. अमरीश ने बताया कि अगर अस्पताल प्रबंधन सीएचसी में एक निश्चेतक और ऑपरेशन थियेटर को विकसित कर देगा तो वह हड्डी से जुड़े गंभीर मरीजों का ऑपरेशन भी सीएचसी में प्रारंभ कर देंगे। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. फुरकान ने बताया कि हड्डी से जुड़ी दवाइयां, प्लास्टर का सामान अस्पताल में शीघ्र उपलब्ध होगा। आर्थोपेडिक सर्जन की नियुक्ति के बाद 50 हजार से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। संवाद
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