धारचूला, मुनस्यारी में भारी बारिश से तबाही
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धारचूला और मुनस्यारी तहसील के कई हिस्सों में शुक्रवार रात हुई भारी बारिश से जमकर तबाही मची है। धारचूला तहसील में बंगापानी से लेकर जौलजीबी तक पूरे इलाके में नालों का रुख पलट गया। इससे पानी लोगों के घरों में घुस गया। सड़कों पर जगह-जगह मलबा पट गया है। जौलजीबी में सड़क किनारे खड़ी एक जीप मलबे में फंस गई। बंगापानी में लगभग सभी घरों में पानी घुसने से लोग रातभर दहशत में रहे। इस इलाके में एक सप्ताह पहले भी बारिश ने तांडव मचाया था। पय्यांपौड़ी में बारिश से हुए नुकसान के बाद अब तक भी रास्तों की मरम्मत नहीं हो पाई है।
मुनस्यारी में बस स्टेशन के पास का नाला शुक्रवार रात बारिश के समय उफना गया। नाले के साथ आया मलबा लीला माउंटव्यू होटल और बंगाली होटल में घुस गया। मुनस्यारी बाजार में कई दुकानों में मलबा घुस गया है। नगर में हाल में किया गया हॉटमिक्स भी मलबे से पट गया है। कई जगह हॉटमिक्स उखड़ गया है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और राजस्व टीम से तत्काल रिपोर्ट बनाने को कहा है।
सुरिंगगाड़ के पास रखी उत्तराखंड जल विद्युत निगम की मिक्सर मशीन, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग मशीन, वायब्रेटिंग मशीन बह गई। निगम का 60 टन ग्रिड, 40 टन बालू, 200 मीटर दीवार बह गई। मदकोट-बोना मार्ग पर मलबा आने से यह रोड आधी रात तक बंद रही। थल-मुनस्यारी रोड भी पातलथौड़ के पास बंद रही।
कहां कितनी बारिश
धारचूला-37 एमएम
मुनस्यारी-37 एमएम
पिथौरागढ़-2.1 एमएम
डीडीहाट-1.0 एमएम
बेड़ीनाग-0.0 एमएम
गंगोलीहाट-0.0 एमएम
डीएम ने कल बुलाई अफसरों की बैठक
पिथौरागढ़। डीएम एचसी सेमवाल ने मानसून सीजन को देखते हुए 30 मई को सेवन डेस्क सिस्टम से जुड़े विभागों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में बारिश, बाढ़, भूकटाव से पैदा होने वाली स्थितियों से निपटने की रणनीति तय की जाएगी। डीएम ने सभी अधिकारियों से कहा है कि बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।
क्षति का आकलन करने टीम रवाना
पिथौरागढ़। धारचूला के पूर्व विधायक हरीश धामी ने कहा कि बंगापानी से लेकर जौलजीबी तक बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व टीम मौके को रवाना हो गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही धारचूला और मुनस्यारी के अधिकारियों की बैठक बुलाकर बारिश से पैदा हो रही स्थितियों से निपटने की चर्चा की जाएगी। श्री धामी ने कहा कि प्रभावितों का मुआवजा दिया जाएगा।
महाकाली का जलस्तर 10 सेमी बढ़ा
पिथौरागढ़। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में शुक्रवार को हुई भारी बारिश से महाकाली का जलस्तर 24 घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़ गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डा. आरएस राणा ने बताया कि शनिवार को महाकाली का जलस्तर 887.70 मीटर रिकार्ड किया गया। महाकाली का जलस्तर रोज बढ़ रहा है। रामगंगा और सरयू का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है।
हर तहसील में एक जून से खुलेंगे कंट्रोल रूम
पिथौरागढ़। डीएम एचसी सेमवाल ने कहा कि मानसून सीजन में सूचनाएं एकत्र करने के लिए हर तहसील मुख्यालय में एक जून से कंट्रोल रूम खुल जाएंगे। जिला मुख्यालय में आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा। इसके फोन नंबर 226326, 228050, 1077 हैं। पिथौरागढ़ तहसील के कंट्रोल रूम का नंबर 225245, गंगोलीहाट का 242440, बेड़ीनाग का 244760, डीडीहाट का 232132, धारचूला का 222207, मुनस्यारी का 222215, कनालीछीना का 244031, देवलथल का 8057704037 और गणाईगंगोली का 244031 रहेगा।
सड़क में मलबा आने से घंटों आवाजाही ठप
अस्कोट (पिथौरागढ़)। जौलजीबी-टनकपुर सड़क पर शुक्रवार शाम तेज बारिश होने के कारण शनिवार दोपहर तक आवाजाही ठप रही, जिससे तल्लाबगड़ के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। लोनिवि के सहायक अभियंता बीएस बोरा ने बताया कि विभागीय कर्मचारी शनिवार सुबह से ही सड़क से मलबा हटाने के कार्य में जुटे रहे। सड़क के किलोमीटर एक में आए मलबे को दोपहर 12 बजे और किमी 9 पर आए मलबे को दोपहर 2.50 बजे तक साफ कर यातायात बहाल किया गया।