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दो किमी सड़क का काम जांच के फेर में फंसा
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मूनाकोट में सड़क के लिए धरना देते लोग। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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मूनाकोट (पिथौरागढ़)। निर्माण कार्य की जांच पूरी न होने के कारण डेढ़ दशक बाद भी अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क अधूरी है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
वर्ष 2004 में 10 किमी अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क स्वीकृत हुई थी। सड़क स्वीकृत होने पर लोगों को उम्मीद थी कि उनका जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हो जाएगा। लोनिवि ने अशोकनगर तक साढ़े पांच किमी लंबी सड़क पर डामरीकरण भी कर दिया। इसके बाद अशोकनगर से सौनगांव तक सड़क कटिंग की गई लेकिन सौनगांव से बेलतड़ी तक दो किमी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया।
सरकार ने सड़क में हुए घपले की जांच एसआईटी को दी। जांच के 12 साल बाद भी रिपोर्ट का पता नहीं चल सका है। इस कारण लोगों का जिला मुख्यालय पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है। कई बच्चे सड़क न होने के कारण पढ़ाई से वंचित हो गए हैं। बेलतड़ी, अशोकनगर, सौन गांव, बिलाई, धारी, क्वारबन के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए आंदोलन शुरू किया है। संवाद
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सड़क में हुए घपले की जांच को 12 साल हो गए हैं लेकिन जांच रिपोर्ट का कुछ पता नहीं है। सिर्फ दो किमी सड़क ठेकेदार की लापरवाही के कारण अटका है। आखिर सड़क निर्माण कब होगा।
-दयाकिशन भट्ट, ग्रामीण।
दो किमी सड़क निर्माण न होने के चलते छह गांव की पांच हजार से अधिक की आबादी परेशान है। बीमार लोगों को आज भी डोली में ले जाना पड़ता है। किसी ने भी समस्या नहीं सुलझाई।
-पार्वती देवी, बुजुर्ग।
सड़क के लिए 43वें दिन भी धरना
मूनाकोट। अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क निर्माण की मांग के लिए शनिवार को 43वें दिन भी धरना जारी रहा। धरना स्थल पर ममता भट्ट और मनोहरी भट्ट बैठे। उन्होंने कहा कि भैया दूज के दिन सरकार को कोसें या भाई को पूजें समझ नहीं आ रहा है। सड़क न होने से उनके भाई यहां आ नहीं सकते और वो वहां जा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर को जिला मुख्यालय में जुलूस प्रदर्शन कर अपनी समस्या बताएंगे। इस दौरान कैप्टन तारा दत्त, जगदीश भट्ट, हरी दत, ललित भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष ज्योति भट्ट शामिल रहे।
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वर्ष 2004 में 10 किमी अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क स्वीकृत हुई थी। सड़क स्वीकृत होने पर लोगों को उम्मीद थी कि उनका जिला मुख्यालय तक पहुंचना आसान हो जाएगा। लोनिवि ने अशोकनगर तक साढ़े पांच किमी लंबी सड़क पर डामरीकरण भी कर दिया। इसके बाद अशोकनगर से सौनगांव तक सड़क कटिंग की गई लेकिन सौनगांव से बेलतड़ी तक दो किमी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया।
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सरकार ने सड़क में हुए घपले की जांच एसआईटी को दी। जांच के 12 साल बाद भी रिपोर्ट का पता नहीं चल सका है। इस कारण लोगों का जिला मुख्यालय पहुंचना बेहद मुश्किल हो रहा है। कई बच्चे सड़क न होने के कारण पढ़ाई से वंचित हो गए हैं। बेलतड़ी, अशोकनगर, सौन गांव, बिलाई, धारी, क्वारबन के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के लिए आंदोलन शुरू किया है। संवाद
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सड़क में हुए घपले की जांच को 12 साल हो गए हैं लेकिन जांच रिपोर्ट का कुछ पता नहीं है। सिर्फ दो किमी सड़क ठेकेदार की लापरवाही के कारण अटका है। आखिर सड़क निर्माण कब होगा।
-दयाकिशन भट्ट, ग्रामीण।
दो किमी सड़क निर्माण न होने के चलते छह गांव की पांच हजार से अधिक की आबादी परेशान है। बीमार लोगों को आज भी डोली में ले जाना पड़ता है। किसी ने भी समस्या नहीं सुलझाई।
-पार्वती देवी, बुजुर्ग।
सड़क के लिए 43वें दिन भी धरना
मूनाकोट। अशोकनगर-बेलतड़ी सड़क निर्माण की मांग के लिए शनिवार को 43वें दिन भी धरना जारी रहा। धरना स्थल पर ममता भट्ट और मनोहरी भट्ट बैठे। उन्होंने कहा कि भैया दूज के दिन सरकार को कोसें या भाई को पूजें समझ नहीं आ रहा है। सड़क न होने से उनके भाई यहां आ नहीं सकते और वो वहां जा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि आठ नवंबर को जिला मुख्यालय में जुलूस प्रदर्शन कर अपनी समस्या बताएंगे। इस दौरान कैप्टन तारा दत्त, जगदीश भट्ट, हरी दत, ललित भट्ट, महिला मंगल दल अध्यक्ष ज्योति भट्ट शामिल रहे।