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धारचूला में खतरे के निशान के करीब पहुंची काली नदी
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भारी बारिश के बाद धारचूला में खतरे के निशान के पास पहुंचा काली नदी का जल स्तर।
- फोटो : PITHORAGARH
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भारी बारिश के चलते काली नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। उफनाई काली नदी के रौद्र रुप से इसके तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग दहशत में हैं।
दो दिन पूर्व धारचूला में 95 एमएम से अधिक वर्षा हुई। इससे काली नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा दीवाल को छूने लगा है। रात में हल्की बारिश होने पर ही घटधार, गर्ब्याल खेड़ा, जीजीआईसी के बच्चे और डुमपानी के ग्रामीण दहशत में आ जाते हैं। 2013 में काली नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाया था। तब नदी तटों के साथ ही बलुवाकोट में कई मकान ध्वस्त हो गए।
रात में बारिश होने पर लोग दहशत के चलते रतजगा कर रहे हैं। उप जिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने दोबाट, धारचूला और जौलजीबी तक नदी किनारे रह रहे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की भी सलाह दी है। इधर झूलाघाट में भी थाना प्रभारी महेश चंद ने तालेश्वर, गेठिगाड़ा, कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, तड़ीगांव में संपर्क कर लोगों से नदी किनार नहीं जाने की अपील की है। बुधवार को सुबह बादल छाए रहे। दोपहर को धूप निकल आई। आसमान में बादल मंडराने से बारिश की संभावना बनी हुई है।
कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़: 3.50 एमएम
गंगोलीहाट: 20 एमएम
बेड़ीनाग: 13 एमएम
डीडीहाट: 10 एमएम
धारचूला: 8.40 एमएम
मुनस्यारी: 12 एमएम
नदियों का जल स्तर
काली नदी धारचूला में 888.65 मीटर, खतरे का निशान 889 मीटर
गोरी नदी जौलजीबी में 604.40 मीटर, खतरे का निशान 606.80 मीटर
गोरी नदी मदकोट में 1211.18 मीटर, खतरे का निशान 1214.10 मीटर
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दो दिन पूर्व धारचूला में 95 एमएम से अधिक वर्षा हुई। इससे काली नदी उफान पर आ गई है। नदी का पानी भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा दीवाल को छूने लगा है। रात में हल्की बारिश होने पर ही घटधार, गर्ब्याल खेड़ा, जीजीआईसी के बच्चे और डुमपानी के ग्रामीण दहशत में आ जाते हैं। 2013 में काली नदी ने अपना रौद्र रूप दिखाया था। तब नदी तटों के साथ ही बलुवाकोट में कई मकान ध्वस्त हो गए।
रात में बारिश होने पर लोग दहशत के चलते रतजगा कर रहे हैं। उप जिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने दोबाट, धारचूला और जौलजीबी तक नदी किनारे रह रहे लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों को नदी किनारे नहीं जाने की भी सलाह दी है। इधर झूलाघाट में भी थाना प्रभारी महेश चंद ने तालेश्वर, गेठिगाड़ा, कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, तड़ीगांव में संपर्क कर लोगों से नदी किनार नहीं जाने की अपील की है। बुधवार को सुबह बादल छाए रहे। दोपहर को धूप निकल आई। आसमान में बादल मंडराने से बारिश की संभावना बनी हुई है।
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कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़: 3.50 एमएम
गंगोलीहाट: 20 एमएम
बेड़ीनाग: 13 एमएम
डीडीहाट: 10 एमएम
धारचूला: 8.40 एमएम
मुनस्यारी: 12 एमएम
नदियों का जल स्तर
काली नदी धारचूला में 888.65 मीटर, खतरे का निशान 889 मीटर
गोरी नदी जौलजीबी में 604.40 मीटर, खतरे का निशान 606.80 मीटर
गोरी नदी मदकोट में 1211.18 मीटर, खतरे का निशान 1214.10 मीटर