{"_id":"62b759f115119b6bcb1c67b0","slug":"demand-for-teacher-in-pithauragarh-pithoragarh-news-hld4670602163","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीआईसी बांसबगड़ में विज्ञान वर्ग के शिक्षक ही नहीं कैसे बनेंगे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीआईसी बांसबगड़ में विज्ञान वर्ग के शिक्षक ही नहीं कैसे बनेंगे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में डीएम को ज्ञापन देकर जीआईसी बांसबगड़ में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग करते ग्रामीण
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जीआईसी बांसबगड़ में विज्ञान वर्ग के शिक्षक न होने से छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान हैं। उन्होंने डीएम डॉ. आशीष चौहान को ज्ञापन देकर शिक्षकों की तैनाती की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में विज्ञान वर्ग के शिक्षक ही नहीं हैं तो बच्चे कैसे डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे।
बांसबगड़ के ग्रामीणों ने 80 किमी दूर पिथौरागढ़ आकर डीएम को ज्ञापन दिया। ग्राम प्रधान दीपक जोशी ने बताया कि जीआईसी बांसबगड़ में कई वर्षों से विज्ञान वर्ग स्वीकृत है लेकिन विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के प्रवक्ता और हाईस्कूल में विज्ञान सहित कई शिक्षकों के पद खाली हैं जबकि इस विद्यालय में क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के अनुरोध पर विद्यालय प्रबंधन ने 11वीं कक्षा में बच्चों को विज्ञान वर्ग में प्रवेश तो दे दिया, लेकिन जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या नहीं सुलझ सकी है। शिक्षकों की कमी के कारण विज्ञान वर्ग से पढ़ाई करने के लिए क्षेत्र के कई बच्चे पलायन कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सीईओ को विद्यालय में शिक्षकों की जल्द तैनाती के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर त्रिलोक सिंह बिष्ट, राजेंद्र राणा, लाल सिंह पवार, मनोहर सिंह दशौनी, डिगर सिंह पवार, भागीरथी देवी, तुलसी देवी, भावना देवी, रमेश सिंह, राजेंद्र कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
जीआईसी सैंणराथी में विज्ञान के शिक्षकों का टोटा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। जीआईसी सैंणराथी में आठ साल भी बाद भी विज्ञान शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। कहने को तो यह जीआईसी, लेकिन शिक्षक की कमी के चलते बच्चों को मजबूर होकर विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए पिथौरागढ़ या अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है।
तल्ला जोहार क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी के जीआईसी सैंणराथी में निर्भर है। जीआईसी में 2014-15 से विज्ञान वर्ग विषय खोले गए। लोगों को उम्मीद थी कि उनके बच्चों को स्थानीय स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई का लाभ मिल जाएगा। लंबे समय बाद भी रसायन, भौतिक, जीवविज्ञान विषय में एक भी प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं हो सकी। अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अन्य जगह की दौड़ लगानी पड़ रही है। कोई पिथौरागढ़ तो कोई मुनस्यारी मुख्यालय से पढ़ाई कराने के लिए मजबूर हैं। इसमें उन पर आर्थिक भार पड़ता है। विभाग का कहना है कि प्रवक्ताओं की नियुक्ति उच्च स्तर से कराने की मांग है।
जीआईसी सैंणराथी में विज्ञान विषयों के संचालन के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलेगा, लेकिन आठ साल बाद भी प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो सकी। - मुकेश सिंह मेहता, छात्रसंघ उपाध्यक्ष, पिथौरागढ़ महाविद्यालय।
विज्ञान विषयों के प्रवक्ताओं की तैनाती न होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ रहा है। इससे कई परिवारों पर आर्थिक मार पड़ती है। शिक्षा विभाग को प्रवक्ताओं की तैनाती करनी चाहिए। - सुरेश मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता, तल्ला जोहार।
विज्ञापन
बांसबगड़ के ग्रामीणों ने 80 किमी दूर पिथौरागढ़ आकर डीएम को ज्ञापन दिया। ग्राम प्रधान दीपक जोशी ने बताया कि जीआईसी बांसबगड़ में कई वर्षों से विज्ञान वर्ग स्वीकृत है लेकिन विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान के प्रवक्ता और हाईस्कूल में विज्ञान सहित कई शिक्षकों के पद खाली हैं जबकि इस विद्यालय में क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के अनुरोध पर विद्यालय प्रबंधन ने 11वीं कक्षा में बच्चों को विज्ञान वर्ग में प्रवेश तो दे दिया, लेकिन जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समस्या नहीं सुलझ सकी है। शिक्षकों की कमी के कारण विज्ञान वर्ग से पढ़ाई करने के लिए क्षेत्र के कई बच्चे पलायन कर रहे हैं। मांग पूरी न होने पर अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सीईओ को विद्यालय में शिक्षकों की जल्द तैनाती के निर्देश दिए हैं। इस मौके पर त्रिलोक सिंह बिष्ट, राजेंद्र राणा, लाल सिंह पवार, मनोहर सिंह दशौनी, डिगर सिंह पवार, भागीरथी देवी, तुलसी देवी, भावना देवी, रमेश सिंह, राजेंद्र कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
जीआईसी सैंणराथी में विज्ञान के शिक्षकों का टोटा
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। जीआईसी सैंणराथी में आठ साल भी बाद भी विज्ञान शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। कहने को तो यह जीआईसी, लेकिन शिक्षक की कमी के चलते बच्चों को मजबूर होकर विज्ञान विषय की पढ़ाई के लिए पिथौरागढ़ या अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेना पड़ता है।
तल्ला जोहार क्षेत्र की पांच हजार से अधिक की आबादी के जीआईसी सैंणराथी में निर्भर है। जीआईसी में 2014-15 से विज्ञान वर्ग विषय खोले गए। लोगों को उम्मीद थी कि उनके बच्चों को स्थानीय स्तर पर विज्ञान की पढ़ाई का लाभ मिल जाएगा। लंबे समय बाद भी रसायन, भौतिक, जीवविज्ञान विषय में एक भी प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं हो सकी। अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अन्य जगह की दौड़ लगानी पड़ रही है। कोई पिथौरागढ़ तो कोई मुनस्यारी मुख्यालय से पढ़ाई कराने के लिए मजबूर हैं। इसमें उन पर आर्थिक भार पड़ता है। विभाग का कहना है कि प्रवक्ताओं की नियुक्ति उच्च स्तर से कराने की मांग है।
जीआईसी सैंणराथी में विज्ञान विषयों के संचालन के बाद उम्मीद थी कि क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर लाभ मिलेगा, लेकिन आठ साल बाद भी प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो सकी। - मुकेश सिंह मेहता, छात्रसंघ उपाध्यक्ष, पिथौरागढ़ महाविद्यालय।
विज्ञान विषयों के प्रवक्ताओं की तैनाती न होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ रहा है। इससे कई परिवारों पर आर्थिक मार पड़ती है। शिक्षा विभाग को प्रवक्ताओं की तैनाती करनी चाहिए। - सुरेश मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता, तल्ला जोहार।