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Pithoragarh News: सरकारी दरों पर कानूनी, फाइन आर्ट, योग विषय की पढ़ाई की मांग
Wed, 29 Nov 2023 11:03 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 29 Nov 2023 11:03 PM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ कैंपस में एलएलबी, फाइन आर्ट और योग विषय की पढ़ाई सरकारी शुल्क पर कराने की मांग छात्रसंघ ने की है। छात्रसंघ महासचिव अंशुराज ने कहा कि सीमांत जिले की भौगोलिक परिस्थितियां विषम है। यहां लोगों के लिए रोजगार के साधन नहीं है। ऐसे में क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा मिलनी चाहिए।
महासचिव अंशुराज ने कहा कि पिथौरागढ़ कैंपस में सात हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यह सभी कैंपस के मानकों के अनुसार प्रवेश, परीक्षा और अन्य शुल्क दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी शासनादेश के छात्र-छात्राओं से कैंपस ने फीस ली। सरकार ने कैंपस ने बना दिया, लेकिन अभी भी व्यवस्थाएं आधी अधूरी हैं। कैंपस बनने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे प्रवेश नहीं ले सके हैं। उन्हें मजबूर होकर अपने-अपने क्षेत्र में स्थित महाविद्यालयों से पढ़ाई करनी पड़ रही है। उसमें भी उन्हें पसंद के विषय नहीं मिल पाए हैं। नारायणनगर, बलुवाकोट, गंगोलीहाट समेत अन्य महाविद्यालयों में पिथौरागढ़ महाविद्यालय जैसी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार, जनप्रतिनिधियों को इस बारे में सोचना चाहिए। कैंपस बनने के बाद भी सरकारी दरों पर पढ़ाई कराई जा सकती है। अंशुराज ने कहा कि वह इस मांग को लेकर एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति और शिक्षा मंत्री के सामने इस मांग को रखेंगे।
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महासचिव अंशुराज ने कहा कि पिथौरागढ़ कैंपस में सात हजार छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यह सभी कैंपस के मानकों के अनुसार प्रवेश, परीक्षा और अन्य शुल्क दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी शासनादेश के छात्र-छात्राओं से कैंपस ने फीस ली। सरकार ने कैंपस ने बना दिया, लेकिन अभी भी व्यवस्थाएं आधी अधूरी हैं। कैंपस बनने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे प्रवेश नहीं ले सके हैं। उन्हें मजबूर होकर अपने-अपने क्षेत्र में स्थित महाविद्यालयों से पढ़ाई करनी पड़ रही है। उसमें भी उन्हें पसंद के विषय नहीं मिल पाए हैं। नारायणनगर, बलुवाकोट, गंगोलीहाट समेत अन्य महाविद्यालयों में पिथौरागढ़ महाविद्यालय जैसी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार, जनप्रतिनिधियों को इस बारे में सोचना चाहिए। कैंपस बनने के बाद भी सरकारी दरों पर पढ़ाई कराई जा सकती है। अंशुराज ने कहा कि वह इस मांग को लेकर एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के कुलपति और शिक्षा मंत्री के सामने इस मांग को रखेंगे।
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