थल (पिथौरागढ़)। थल-सातशिलिंग सड़क की बदहाली से नाराज युवाओं ने लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि दो विभागों ने सड़क निर्माण के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए। इसके बावजूद लोगों को गड्ढों की समस्या से निजात नहीं मिल पाई।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में लोगों ने सोमवार को लोनिवि और एडीबी के खिलाफ प्रदर्शन कर नारे लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में थल से 52 किमी लंबी सातशिलिंग सड़क पर सुधारीकरण और डामरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए हैं। इन आठ सालों में सड़क की हालत जर्जर होकर और खस्ताहाल हो गई है। कई जगह सड़कों के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। सड़कों में बने गड्ढों में हर साल पैच वर्क किया जाता है लेकिन चार माह में ही डामर उखड़ कर फिर गड्ढे में बदल जाता है। पिछले ढाई साल में एडीबी से हस्तांतरित यह सड़क लोनिवि पिथौरागढ़ के अधीन हैं। सड़क सुधारीकरण में विभाग ने करोड़ों रुपये खर्च किए। इसके बावजूद सड़क गड्ढामुक्त नहीं हो सकी है। पौने दो घंटे में जो सफर पूरा हो जाता उसमें अब लोगों को तीन घंटे का समय लग रहा है। कई जगह बने गड्ढों के कारण संभल कर वाहन चलाना पड़ता है। कई वाहन चालक कमर दर्द के मरीज बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक माह के भीतर सड़क को गड्ढामुक्त नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में हरीश भट्ट, भगवान चंद, विक्रम सामंत, डब्बू सामंत, नवीन सिंह, प्रसिद्ध भैंसोड़ा, दीपक सामंत, सूरज कुमार आदि शामिल रहे।