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Pithoragarh News: डीडीहाट से उठी नानी-नातिन की मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग
Mon, 21 Jul 2025 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 21 Jul 2025 10:56 PM IST
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जोहार सामाजिक और सांस्कृतिक समिति ने मुनस्यारी में जंगली मशरूम खाने से नानी और उनकी नातिन की मौत पर दुख जताते हुए स्वास्थ्य विभाग को इसका जिम्मेदार ठहराया है। समिति के सदस्यों ने बैठक कर मामले की न्यायिक जांच और उसमें जो भी स्वास्थ्य कर्म दोषी पाया जाए, उस पर कार्रवाई की मांग की है।
सोमवार को समिति के सचिव नरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सदस्यों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि जंगली मशरूम खाने से बीमार लोकगायक गणेश मर्तोलिया की बहन और नानी को समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो उनकी मौत नहीं होती। वक्ताओं ने कहा कि मुनस्यारी सीएचसी में इलाज के लिए पहुंची नानी और उनकी नातिन का बेहतर इलाज नहीं किया गया।
समय रहते उन्हें हायर सेंटर रेफर करने का निर्णय नहीं लेने से दोनों को काल के गाल में समाना पड़ा। इसी का नतीजा रहा कि जिला चिकित्सालय के बाद हल्द्वानी एसटीएच ले जाने के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों को हवाई साबित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। तय किया गया कि मामले की गंभीरता के साथ जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो समिति की ओर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में समिति के अध्यक्ष शिव मोहन मर्तोलिया, संरक्षक दुष्यंत सिंह पांगती, गणेश टोलिया, ललित मोहन मर्तोलिया, सुंदर सिंह पांगती, पवन टोलिया, रश्मि मर्तोलिया, जानकी टोलिया, लीला रावत, धीरजा मर्तोलिया आदि थे।
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सोमवार को समिति के सचिव नरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में सदस्यों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि जंगली मशरूम खाने से बीमार लोकगायक गणेश मर्तोलिया की बहन और नानी को समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो उनकी मौत नहीं होती। वक्ताओं ने कहा कि मुनस्यारी सीएचसी में इलाज के लिए पहुंची नानी और उनकी नातिन का बेहतर इलाज नहीं किया गया।
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समय रहते उन्हें हायर सेंटर रेफर करने का निर्णय नहीं लेने से दोनों को काल के गाल में समाना पड़ा। इसी का नतीजा रहा कि जिला चिकित्सालय के बाद हल्द्वानी एसटीएच ले जाने के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों को हवाई साबित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। तय किया गया कि मामले की गंभीरता के साथ जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो समिति की ओर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में समिति के अध्यक्ष शिव मोहन मर्तोलिया, संरक्षक दुष्यंत सिंह पांगती, गणेश टोलिया, ललित मोहन मर्तोलिया, सुंदर सिंह पांगती, पवन टोलिया, रश्मि मर्तोलिया, जानकी टोलिया, लीला रावत, धीरजा मर्तोलिया आदि थे।
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