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उपचार के अभाव में तिदांग गांव की महिला ने स्टेचर में ही तोड़ा दम
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धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से लगे सीमांत माइग्रेशन वाले गांवों में उपचार की कोई सुविधा नहीं है। आपदा के कारण सड़क ध्वस्त होने से गांव में ही फंसी एक महिला ने हेलीकॉप्टर तक पहुंचने से पहले स्ट्रेचर में ही दम तोड़ दिया।
बारिश के कारण धारचूला की दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोग गांवों में ही फंसे हैं। मंगलवार को दारमा घाटी के तिदांग गांव से वीसेट से हयात सिंह की पत्नी सुधा दताल (40) की अचानक तबियत खराब होने की सूचना धारचूला में परिचितों को दी।
इसके बाद लोगों ने तत्काल हेलीकॉप्टर तिदांग गांव भेजने की मांग की और गांव में ही अस्थायी हेलीपैड बना लेने की सूचना प्रशासन को भी दी थी, लेकिन हेलीकॉप्टर तिदांग गांव नहीं गया और बीमार को ढाकर हेलीपैड पर लाने को कहा गया।
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गांव के लोगों ने इसके बाद बीमार महिला को स्ट्रेचर में रखा और तुरंत तिदांग गांव से दो किमी दूरी पर स्थित हेलीपैड की ओर चले, लेकिन हेलीपैड तक पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।
इससे तिदांग और दांतु गांव के परिजनों में शोक छा गया। इसके बाद मृतकों के रिश्तेदार शव को आठ किमी दूर दांतू गांव ले गए। धारचूला से कुछ और परिजनों के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अपने पिता की बरसी पर गई थी तिदांग
धारचूला (पिथौरागढ़)। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण मंगलवार को जान गंवाने वाली सुधा दताल कुछ दिन पूर्व धारचूला से अपने परिवार के साथ पिता की बरसी में गांव गईं थीं।
17-18 जून की बारिश के कारण सड़क बंद होने से ये लोग गांव में ही फंस गए थे। तिदांग की प्रधान दिया तितियाल ने बताया कि बीमार महिला की सूचना एसडीएम को दे दी गई थी। समय से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होती और स्वास्थ्य सुविधा मिल जाती तो महिला की जान बच सकती थी।
प्रधान ने प्रशासन से बीमार व्यक्ति और बुजुर्गों को हेलीकॉप्टर सुविधा देने की मांग की है। दारमा घाटी के जनप्रतिनिधियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से जरूरतमंदों को हेली सेवा उपलब्ध कराने और माइग्रेशन के समय अस्पताल संचालित करने की मांग की है।
हेलीकॉप्टर से 58 लोगों ने किया आवागमन
धारचूला (पिथौरागढ़)। हेलीकॉप्टर ने मंगलवार को गुंजी, ढाकर और नागलिंग के कुल सात चक्कर लगाए। इसमें 20 व्यक्तियों को माइग्रेशन वाले गांवों के लिए ले जाया गया जबकि 38 लोग गांवों से धारचूला लाए गए।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि तिदांग में महिला के बीमार होने की सूचना मिली थी। पायलट ने तकनीकी कारणों से तिदांग में हेलीकॉप्टर नहीं उतारा।
जब हेलीकॉप्टर ढाकर हेलीपैड पहुंचा तो महिला की मौत हो चुकी थी। मृतका के परिजनों को गांव भेजा गया है। पीड़ित परिवार के साथ प्रशासन की पूरी संवेदना है।
धारचूला की उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में फंसे लोगों को राहत देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की गई है। हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए कुछ गांवों में हेलीपैड बनाए गए हैं।
बीमार और बुजुर्गों को समय पर हेली सेवा दिलाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। सड़क खोलने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
- आनंद स्वरूप, डीएम, पिथौरागढ़।
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बारिश के कारण धारचूला की दारमा घाटी में कई जगहों पर सड़क बंद होने से लोग गांवों में ही फंसे हैं। मंगलवार को दारमा घाटी के तिदांग गांव से वीसेट से हयात सिंह की पत्नी सुधा दताल (40) की अचानक तबियत खराब होने की सूचना धारचूला में परिचितों को दी।
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इसके बाद लोगों ने तत्काल हेलीकॉप्टर तिदांग गांव भेजने की मांग की और गांव में ही अस्थायी हेलीपैड बना लेने की सूचना प्रशासन को भी दी थी, लेकिन हेलीकॉप्टर तिदांग गांव नहीं गया और बीमार को ढाकर हेलीपैड पर लाने को कहा गया।
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गांव के लोगों ने इसके बाद बीमार महिला को स्ट्रेचर में रखा और तुरंत तिदांग गांव से दो किमी दूरी पर स्थित हेलीपैड की ओर चले, लेकिन हेलीपैड तक पहुंचते ही महिला ने दम तोड़ दिया।
इससे तिदांग और दांतु गांव के परिजनों में शोक छा गया। इसके बाद मृतकों के रिश्तेदार शव को आठ किमी दूर दांतू गांव ले गए। धारचूला से कुछ और परिजनों के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अपने पिता की बरसी पर गई थी तिदांग
धारचूला (पिथौरागढ़)। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण मंगलवार को जान गंवाने वाली सुधा दताल कुछ दिन पूर्व धारचूला से अपने परिवार के साथ पिता की बरसी में गांव गईं थीं।
17-18 जून की बारिश के कारण सड़क बंद होने से ये लोग गांव में ही फंस गए थे। तिदांग की प्रधान दिया तितियाल ने बताया कि बीमार महिला की सूचना एसडीएम को दे दी गई थी। समय से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध होती और स्वास्थ्य सुविधा मिल जाती तो महिला की जान बच सकती थी।
प्रधान ने प्रशासन से बीमार व्यक्ति और बुजुर्गों को हेलीकॉप्टर सुविधा देने की मांग की है। दारमा घाटी के जनप्रतिनिधियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से जरूरतमंदों को हेली सेवा उपलब्ध कराने और माइग्रेशन के समय अस्पताल संचालित करने की मांग की है।
हेलीकॉप्टर से 58 लोगों ने किया आवागमन
धारचूला (पिथौरागढ़)। हेलीकॉप्टर ने मंगलवार को गुंजी, ढाकर और नागलिंग के कुल सात चक्कर लगाए। इसमें 20 व्यक्तियों को माइग्रेशन वाले गांवों के लिए ले जाया गया जबकि 38 लोग गांवों से धारचूला लाए गए।
एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि तिदांग में महिला के बीमार होने की सूचना मिली थी। पायलट ने तकनीकी कारणों से तिदांग में हेलीकॉप्टर नहीं उतारा।
जब हेलीकॉप्टर ढाकर हेलीपैड पहुंचा तो महिला की मौत हो चुकी थी। मृतका के परिजनों को गांव भेजा गया है। पीड़ित परिवार के साथ प्रशासन की पूरी संवेदना है।
धारचूला की उच्च हिमालयी क्षेत्र के गांवों में फंसे लोगों को राहत देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित की गई है। हेलीकॉप्टर के उतरने के लिए कुछ गांवों में हेलीपैड बनाए गए हैं।
बीमार और बुजुर्गों को समय पर हेली सेवा दिलाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे। सड़क खोलने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। ताकि लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
- आनंद स्वरूप, डीएम, पिथौरागढ़।