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विजडम तिराहे के पास ओवरटेक करने में टिप्पर से टकराया नाबालिग, मौत
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विजडम तिराहे के पास टिप्पर को ओवर टैक करने में दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। नगर के विजडम तिराहे के पास टिप्पर को ओवरटेक करते समय स्कूटी पर सवार 16 वर्षीय किशोर की टिप्पर से टकराकर मौत हो गई।
किशोर के साथ स्कूटी पर बैठा उसका हमउम्र बालबाल बच गया। हादसे के बाद घर परिवार में शोक छा गया। बताया जा रहा है कि स्कूटी चला रहे किशोर ने सिर्फ टोपी जैसा हल्का हेलमेट पहना था जो गिरते ही छटक गया।
जाखनी निवासी जगदीश प्रसाद का पुत्र यशराज (16) शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे स्कूटी से बाजार की ओर आ रहा था। साथ में उसका दोस्त भी बैठा था कि तभी विजडम तिराहे से ऊपर जैसे ही वह टिप्पर को ओवरटेक कर आगे जाने लगा तो वह सड़क किनारे डंप रेत ले जा रहे घोड़ों से टकरा कर टिप्पर से टकरा गया।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसआई मेघा शर्मा के नेतृत्व में पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। उसका अंतिम संस्कार सुवालेक में किया गया। यशराज की मौत से घर परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
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पुलिस की सख्ती के बाद कैसे वाहन चला रहे नाबालिग
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में पुलिस की सख्ती के बाद भी कई नाबालिग दोपहिया/चार पहिया वाहन चला रहे हैं। एसपी सुखबीर सिंह ने भी पिछले दिनों अभिभावकों से नाबालिगों को वाहन न देने की अपील कर जिम्मेदार अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी थी।
इसके बाद भी कई नाबालिग शहर में वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इनमें से कई लोग हेलमेट या मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। उनके अभिभावक भी उन्हें नहीं रोक रहे हैं। इस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। लोगों ने सड़क हादसे रोकने के लिए पुख्ता उपाय करने की मांग की है।
10वीं का छात्र था यशराज
पिथौरागढ़। हादसे में मृत यशराज दयासागर स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। तीन साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद मां रेखा देवी बेसुध पड़ी हैं। यशराज की बहन भी उसी स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ती हैं।
उसका सबसे छोटा भाई कक्षा तीन में पढ़ता है। यशराज रोज घर से आठ बजे ट्यूशन पढ़ने जाता था, लेकिन वह शुक्रवार सुबह सात बजे ही निकल गया था। उसकी मौत की खबर सुनकर मां एक ही बात कहती रही कि अब मैं किसके सहारे जीयूं।
यशराज की मौत के बाद दयासागर स्कूल में शोकसभा हुई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर मृत यशराज की आत्मा की शांति की कामना की गई। विद्यालय स्टाफ ने यशराज के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
प्रबंधक आलोक लुईस का कहना है कि यशराज के परिवार को पूरी मदद की जाएगी। इस दौरान शिक्षक खीमराज जोशी, निर्मला देवी, मुकेश जोशी, रुबीना, नमिता पंत, सूरज जोशी, प्रेमप्रकाश, दया जोशी आदि थे।
नगर में कई जगह लगे ढेर से हो सकता है हादसा
पिथौरागढ़। नगर की सड़कों पर कई जगह सड़कों पर निर्माण सामग्री रखी गई है। इस कारण सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। बजरी में फिसलकर कई वाहन फिसल चुके हैं और उनमें सवार लोग घायल भी हो चुके हैं।
कई बार निर्माण सामग्री कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ी रहती है। इसके बावजूद सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जाजरदेवल, पंडा, बस्ते, रई, सनवाल बैंड, विजडम तिराहा, एंचोली, कैंट रोड पर कई जगह भवन निर्माण सामग्री रखी गई है। सनवाल बैंड, एंचोली और विजडम तिराहे के पास निर्माण सामग्री के कारण कई दो पहिया वाहन रपटकर गिर चुके हैं।
जीआईसी रोड पर भी यही हाल है। कुछ स्थान स्थायी रूप से निर्माण सामग्री डंप करने वाले स्थल बनकर रह गए हैं। इसके बावजूद सड़कों से निर्माण सामग्री को नहीं हटाया जा रहा है। इस कारण नगर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसके बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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किशोर के साथ स्कूटी पर बैठा उसका हमउम्र बालबाल बच गया। हादसे के बाद घर परिवार में शोक छा गया। बताया जा रहा है कि स्कूटी चला रहे किशोर ने सिर्फ टोपी जैसा हल्का हेलमेट पहना था जो गिरते ही छटक गया।
जाखनी निवासी जगदीश प्रसाद का पुत्र यशराज (16) शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे स्कूटी से बाजार की ओर आ रहा था। साथ में उसका दोस्त भी बैठा था कि तभी विजडम तिराहे से ऊपर जैसे ही वह टिप्पर को ओवरटेक कर आगे जाने लगा तो वह सड़क किनारे डंप रेत ले जा रहे घोड़ों से टकरा कर टिप्पर से टकरा गया।
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इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही एसआई मेघा शर्मा के नेतृत्व में पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। उसका अंतिम संस्कार सुवालेक में किया गया। यशराज की मौत से घर परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
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पुलिस की सख्ती के बाद कैसे वाहन चला रहे नाबालिग
पिथौरागढ़। नगर क्षेत्र में पुलिस की सख्ती के बाद भी कई नाबालिग दोपहिया/चार पहिया वाहन चला रहे हैं। एसपी सुखबीर सिंह ने भी पिछले दिनों अभिभावकों से नाबालिगों को वाहन न देने की अपील कर जिम्मेदार अभिभावकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी थी।
इसके बाद भी कई नाबालिग शहर में वाहनों को दौड़ा रहे हैं। इनमें से कई लोग हेलमेट या मास्क भी नहीं लगा रहे हैं। उनके अभिभावक भी उन्हें नहीं रोक रहे हैं। इस कारण हादसे बढ़ रहे हैं। लोगों ने सड़क हादसे रोकने के लिए पुख्ता उपाय करने की मांग की है।
10वीं का छात्र था यशराज
पिथौरागढ़। हादसे में मृत यशराज दयासागर स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था। तीन साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद मां रेखा देवी बेसुध पड़ी हैं। यशराज की बहन भी उसी स्कूल में कक्षा 12वीं में पढ़ती हैं।
उसका सबसे छोटा भाई कक्षा तीन में पढ़ता है। यशराज रोज घर से आठ बजे ट्यूशन पढ़ने जाता था, लेकिन वह शुक्रवार सुबह सात बजे ही निकल गया था। उसकी मौत की खबर सुनकर मां एक ही बात कहती रही कि अब मैं किसके सहारे जीयूं।
यशराज की मौत के बाद दयासागर स्कूल में शोकसभा हुई। इस दौरान दो मिनट का मौन रखकर मृत यशराज की आत्मा की शांति की कामना की गई। विद्यालय स्टाफ ने यशराज के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
प्रबंधक आलोक लुईस का कहना है कि यशराज के परिवार को पूरी मदद की जाएगी। इस दौरान शिक्षक खीमराज जोशी, निर्मला देवी, मुकेश जोशी, रुबीना, नमिता पंत, सूरज जोशी, प्रेमप्रकाश, दया जोशी आदि थे।
नगर में कई जगह लगे ढेर से हो सकता है हादसा
पिथौरागढ़। नगर की सड़कों पर कई जगह सड़कों पर निर्माण सामग्री रखी गई है। इस कारण सड़कों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। बजरी में फिसलकर कई वाहन फिसल चुके हैं और उनमें सवार लोग घायल भी हो चुके हैं।
कई बार निर्माण सामग्री कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ी रहती है। इसके बावजूद सड़कों पर निर्माण सामग्री डालने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
जाजरदेवल, पंडा, बस्ते, रई, सनवाल बैंड, विजडम तिराहा, एंचोली, कैंट रोड पर कई जगह भवन निर्माण सामग्री रखी गई है। सनवाल बैंड, एंचोली और विजडम तिराहे के पास निर्माण सामग्री के कारण कई दो पहिया वाहन रपटकर गिर चुके हैं।
जीआईसी रोड पर भी यही हाल है। कुछ स्थान स्थायी रूप से निर्माण सामग्री डंप करने वाले स्थल बनकर रह गए हैं। इसके बावजूद सड़कों से निर्माण सामग्री को नहीं हटाया जा रहा है। इस कारण नगर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। इसके बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।