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Pithoragarh News: कार गिरने वाले स्थान पर न पैरापिट, क्रश बैरियर
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गहरी खाई में गिरी कार।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़-धारचूला राष्ट्रीय राजमार्ग के जिस स्थान पर बैंक कर्मियों की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है उसके एक किलोमीटर के दायरे में पहले भी हादसे हो चुके हैं। हादसे वाली जगह पर न क्रश बैरियर हैं न पैरापिट बने थे। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से संज्ञान लेने की मांग उठाई है।
पिथौरागढ़-धारचूला राजमार्ग पर कई स्थानों पर गहरी खाई हैं। पलेटा और सतगढ़ के बीच में इनकी गहराई पांच सौ मीटर से लेकर एक हजार मीटर तक है। हालांकि सामरिक महत्व के इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकतर हिस्से का चौड़ीकरण कर दिया गया है।
कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे स्थानों पर अभी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। बीआरओ ने जहां राजमार्ग का चौड़ीकरण किया है वहां क्रश बैरियर, पैरापिट बना दिए हैं लेकिन जिस स्थान पर बैंक कर्मियों की कार खाई में गिरी है वहां 20 मीटर के हिस्से में क्रश बैरियर या पैरापिट नहीं बने थे। यदि इस स्थान पर सुरक्षा के इंतजाम होते तो बड़ा हादसा बच सकता था।
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बैंक शाखा में गमगीन रहा माहौल
डीडीहाट। ग्रामीण बैंक की डीडीहाट शाखा के मैनेजर और कैशियर के इवेंट में जाने के कारण वहां पर एक अन्य अधिकारी को भेजा गया था जबकि एक अधिकारी पहले से ही वहीं पर तैनात थे। सोमवार को बैंक समय से खुला और सहकर्मी मैनेजर और कैशियर के लौटने का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें दोनों अधिकारियों के रात में ही पिथौरागढ़ से निकलने के बाद डीडीहाट न पहुंचने और फोन स्विच ऑफ मिले तो कर्मियों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। जब हादसे का पता चला तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। बैंक में दिनभर हादसे को लेकर चर्चाएं होती रहीं। संवाद
टूटा पेड़ नहीं दिखता तो शायद नहीं मिलती कार
डीडीहाट। पिथौरागढ़ से डीडीहाट के लिए कार से निकले बैंककर्मियों के लापता होने की जानकारी के बाद डीडीहाट और कनालीछीना से करीब पुलिस और एसडीआरएफ के 12 जवानों ने ढूंढखोज शुरू की। पिथौरागढ़ क्षेत्रीय कार्यालय से गए बैंक अधिकारी भी पुलिस के साथ खोजबीन में रहे। डीडीहाट पुलिस के जवानों ने मिर्थी से लेकर ओगला और रणगांव तक और कनालीछीना के जवानों ने कनालीछीना से लेकर रणगांव तक खोजबीन की लेकिन कहीं से भी कर्मचारियों की कार का सुराग नहीं मिला। फिर बंदरलीमा से एक किमी आगे रणगांव की ओर एक मोड़ पर जब पुलिस जवानों ने दोबारा खाई में देखा तो एक टूटा पेड़ नजर आया। इसके बाद जवान दूसरी ओर से रस्सियों के सहारे खाई में उतरे तो 400 मीटर गहरी खाई में क्षतिग्रस्त कार दिखाई दी।
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पिथौरागढ़-धारचूला राजमार्ग पर कई स्थानों पर गहरी खाई हैं। पलेटा और सतगढ़ के बीच में इनकी गहराई पांच सौ मीटर से लेकर एक हजार मीटर तक है। हालांकि सामरिक महत्व के इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकतर हिस्से का चौड़ीकरण कर दिया गया है।
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कुछ स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। ऐसे स्थानों पर अभी सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। बीआरओ ने जहां राजमार्ग का चौड़ीकरण किया है वहां क्रश बैरियर, पैरापिट बना दिए हैं लेकिन जिस स्थान पर बैंक कर्मियों की कार खाई में गिरी है वहां 20 मीटर के हिस्से में क्रश बैरियर या पैरापिट नहीं बने थे। यदि इस स्थान पर सुरक्षा के इंतजाम होते तो बड़ा हादसा बच सकता था।
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बैंक शाखा में गमगीन रहा माहौल
डीडीहाट। ग्रामीण बैंक की डीडीहाट शाखा के मैनेजर और कैशियर के इवेंट में जाने के कारण वहां पर एक अन्य अधिकारी को भेजा गया था जबकि एक अधिकारी पहले से ही वहीं पर तैनात थे। सोमवार को बैंक समय से खुला और सहकर्मी मैनेजर और कैशियर के लौटने का इंतजार कर रहे थे। जब उन्हें दोनों अधिकारियों के रात में ही पिथौरागढ़ से निकलने के बाद डीडीहाट न पहुंचने और फोन स्विच ऑफ मिले तो कर्मियों को अनहोनी की आशंका सताने लगी थी। जब हादसे का पता चला तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। बैंक में दिनभर हादसे को लेकर चर्चाएं होती रहीं। संवाद
टूटा पेड़ नहीं दिखता तो शायद नहीं मिलती कार
डीडीहाट। पिथौरागढ़ से डीडीहाट के लिए कार से निकले बैंककर्मियों के लापता होने की जानकारी के बाद डीडीहाट और कनालीछीना से करीब पुलिस और एसडीआरएफ के 12 जवानों ने ढूंढखोज शुरू की। पिथौरागढ़ क्षेत्रीय कार्यालय से गए बैंक अधिकारी भी पुलिस के साथ खोजबीन में रहे। डीडीहाट पुलिस के जवानों ने मिर्थी से लेकर ओगला और रणगांव तक और कनालीछीना के जवानों ने कनालीछीना से लेकर रणगांव तक खोजबीन की लेकिन कहीं से भी कर्मचारियों की कार का सुराग नहीं मिला। फिर बंदरलीमा से एक किमी आगे रणगांव की ओर एक मोड़ पर जब पुलिस जवानों ने दोबारा खाई में देखा तो एक टूटा पेड़ नजर आया। इसके बाद जवान दूसरी ओर से रस्सियों के सहारे खाई में उतरे तो 400 मीटर गहरी खाई में क्षतिग्रस्त कार दिखाई दी।