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सड़क और स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में महिला ने डोली में तोड़ा दम
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जोग्यानी देवी,फाइल फोटो।
- फोटो : PITHORAGARH
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। सड़क और स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में बंगापानी तहसील क्षेत्र की एक और महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया। महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने के लिए घर से निकले परिजन उसका अंतिम संस्कार कर घर लौटे।
सोमवार को आलम दारमा निवासी महेंद्र सिंह की पत्नी जोग्यानी देवी (62) के पेट में एकाएक तेज दर्द होने लगा। ऐसे में सड़क से सात किलोमीटर दूर स्थित गांव से महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने डोली की व्यवस्था की। ग्रामीणों की सहायता से परिजन महिला को डोली पर आलम तक लाए। जांच की कोई सुविधा नहीं होने के कारण जब महिला को वाहन से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तो उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने स्थानीय श्मशान घाट में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुल बनने से सड़क अधूरी
आलम दारमा आज भी सड़क और स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। आलम दारमा के लिए लगभग सात किमी सड़क तो कटी है लेकिन गोरी नदी पर पुल का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को सात से नौ किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ती है। ग्राम प्रधान चंद्र सिंह धामी और क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय कुमार का कहना है कि सुविधाओं की मांग उठाने पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते हैं। सड़क होती तो समय पर वाहन से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता लेकिन सड़क के अभाव में आए दिन इसी तरह से मौतें होती रहतीं हैं।
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सोमवार को आलम दारमा निवासी महेंद्र सिंह की पत्नी जोग्यानी देवी (62) के पेट में एकाएक तेज दर्द होने लगा। ऐसे में सड़क से सात किलोमीटर दूर स्थित गांव से महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों ने डोली की व्यवस्था की। ग्रामीणों की सहायता से परिजन महिला को डोली पर आलम तक लाए। जांच की कोई सुविधा नहीं होने के कारण जब महिला को वाहन से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तो उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने स्थानीय श्मशान घाट में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।
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पुल बनने से सड़क अधूरी
आलम दारमा आज भी सड़क और स्वास्थ्य सुविधा से वंचित है। आलम दारमा के लिए लगभग सात किमी सड़क तो कटी है लेकिन गोरी नदी पर पुल का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को सात से नौ किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करनी पड़ती है। ग्राम प्रधान चंद्र सिंह धामी और क्षेत्र पंचायत सदस्य विजय कुमार का कहना है कि सुविधाओं की मांग उठाने पर उन्हें केवल आश्वासन ही मिलते हैं। सड़क होती तो समय पर वाहन से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता लेकिन सड़क के अभाव में आए दिन इसी तरह से मौतें होती रहतीं हैं।
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