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Pithoragarh News: आजादी के 75 साल, नहीं रुकी डोली की चाल
Thu, 15 Jun 2023 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 15 Jun 2023 11:00 PM IST
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बंगापानी तहसील के आलम दारमा गांव से घायल महिला को डोली के सहारे लाते ग्रामीण। संवाद
बंगापानी/पिथौरागढ़। देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव आलम दारमा तक आजादी के 75 साल बाद भी सड़क नहीं पहुंच पाई है। यहां के लोग आज भी डोली के सहारे बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
दारमा गांव की रमौती देवी (50) पत्नी लाल सिंह राणा बृहस्पतिवार को घास काटते समय पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। सड़क के अभाव में वह रातभर दर्द से तड़पती रहीं। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह डोली से उबड़-खाबड़ रास्तों को पार कर बंगापानी पहुंचाया। इसके बाद घायल महिला को 100 किमी दूर एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। महिला का उपचार चल रहा है। इस गांव के नौ स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक ओर हमारा देश आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर अभी भी कई गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं।
गांव के सेनिकों ने आजादी में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिकाबंगापानी/पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के ग्राम पंचायत आलम-दारमा गांव के नौ स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांव के वीर सैनिक दीवान सिंह धामी को जाफना (श्रीलंका) में बहादुरी के लिए वीरचक्र भी दिया गया था। इसी गांव के नेत्र सिंह, बच्ची सिंह, जैत सिंह, कल्याण सिंह, केशर सिंह, प्रताप सिंह, देव सिंह, तेज सिंह, भगवत सिंह ने आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संवाद
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सात साल पूर्व हुआ था सड़क के लिए सर्वे
बंगापानी/पिथौरागढ़। आलम-दारमा गांव के लिए 7.5 किमी सड़क का सर्वे सात साल पहले हुआ था। सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ लेकिन गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई। अभी सड़क और एक पुल का निर्माण कार्य पूरा होना शेष है लेकिन अब पुल बनाया जा रहा है वहां से 11 हजार केवि की विद्युत लाइन गुजर रही है। जिसे शिफ्ट किया जाना है लेकिन अभी तक लाइन शिफ्ट नहीं हो पाई है।
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दारमा गांव की रमौती देवी (50) पत्नी लाल सिंह राणा बृहस्पतिवार को घास काटते समय पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। सड़क के अभाव में वह रातभर दर्द से तड़पती रहीं। ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह डोली से उबड़-खाबड़ रास्तों को पार कर बंगापानी पहुंचाया। इसके बाद घायल महिला को 100 किमी दूर एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। महिला का उपचार चल रहा है। इस गांव के नौ स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक ओर हमारा देश आजादी का 75 वां अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं दूसरी ओर अभी भी कई गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं।
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गांव के सेनिकों ने आजादी में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिकाबंगापानी/पिथौरागढ़। बंगापानी तहसील के ग्राम पंचायत आलम-दारमा गांव के नौ स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गांव के वीर सैनिक दीवान सिंह धामी को जाफना (श्रीलंका) में बहादुरी के लिए वीरचक्र भी दिया गया था। इसी गांव के नेत्र सिंह, बच्ची सिंह, जैत सिंह, कल्याण सिंह, केशर सिंह, प्रताप सिंह, देव सिंह, तेज सिंह, भगवत सिंह ने आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संवाद
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सात साल पूर्व हुआ था सड़क के लिए सर्वे
बंगापानी/पिथौरागढ़। आलम-दारमा गांव के लिए 7.5 किमी सड़क का सर्वे सात साल पहले हुआ था। सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हुआ लेकिन गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई। अभी सड़क और एक पुल का निर्माण कार्य पूरा होना शेष है लेकिन अब पुल बनाया जा रहा है वहां से 11 हजार केवि की विद्युत लाइन गुजर रही है। जिसे शिफ्ट किया जाना है लेकिन अभी तक लाइन शिफ्ट नहीं हो पाई है।