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लाडली के परिजनों को आया धमकी भरा फोन
अमर उजाल/ब्यूरो/ पिथौरागढ़
Updated Sun, 05 Apr 2015 10:58 PM IST
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प्रदेश सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के आश्वासन को चार माह बाद भी पूरा नहीं कर पाई और अब लाडली के पिता को फोन पर धमकी सुनने को मिल रही है। जेल में बंद एक अभियुक्त को बचाने के लिए किसी व्यक्ति का धमकी भरा फोन आने से मामला एक बार फिर गरमा गया है। परिजनों ने अब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित न होने पर नाराजगी जाहिर की है। बता दें कि पिछले साल 19 नवंबर को हल्द्वानी में नन्ही लाडली की दुराचार के बाद हत्या कर दी गई थी।
लाडली के परिजनों ने रविवार को पत्रकारों को जानकारी दी कि 31 मार्च को लाडली के पिता को जेल में बंद एक अभियुक्त को बचाने के लिए किसी ने फोन किया। फोन करने वाले ने मामले में अधिक सक्रियता दिखाने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी दी। हालांकि परिजनों ने धमकी भरा फोन आने की सूचना पुलिस, प्रशासन को नहीं दी है।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द से जल्द फैसला किया जाएगा, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं किया गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना करने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी कि सरकार शीघ्र फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं करती है तो परिजन आंदोलनकारी संगठनों को साथ लेकर न्याय के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
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लाडली के परिजनों ने रविवार को पत्रकारों को जानकारी दी कि 31 मार्च को लाडली के पिता को जेल में बंद एक अभियुक्त को बचाने के लिए किसी ने फोन किया। फोन करने वाले ने मामले में अधिक सक्रियता दिखाने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी दी। हालांकि परिजनों ने धमकी भरा फोन आने की सूचना पुलिस, प्रशासन को नहीं दी है।
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परिजनों का कहना है कि घटना के बाद राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द से जल्द फैसला किया जाएगा, लेकिन चार महीने बीतने के बाद भी फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं किया गया है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना करने के आदेश दिए हैं। चेतावनी दी कि सरकार शीघ्र फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन नहीं करती है तो परिजन आंदोलनकारी संगठनों को साथ लेकर न्याय के लिए सड़कों पर उतरेंगे।
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