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Pithoragarh News: रामगंगा का रुख भैंसखाल की ओर होने से बढ़ा खतरा
Sun, 21 Jul 2024 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 21 Jul 2024 11:09 PM IST
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भैंसखाल गांव की ओर रुख करती रामगंगा। संवाद
पिथौरागढ़/नाचनी । सीमांत जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से लोग सहमे हुए हैं। बंगापानी, नाचनी क्षेत्र में नदी से हो रहे भू कटाव से उपजाऊ जमीन के साथ ही मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। जिले में 33 सड़कें मलबा, भूस्खलन से बंद हैं। सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में बंगापानी में 150, तेजम में 73 और धारचूला में 30.60 मिमी बारिश हुई। काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी तट पर नहीं जाने की सलाह दी है।
उधर नाचनी में भारी बारिश से रामगंगा का रुख भैंसखाल गांव होने से खतरा बना है। पूर्व प्रधान पूरन सिंह मेहरा ने बताया कि नदी अपने पूर्व रास्ते से 300 मीटर अंदर गांव की ओर बह रही है। रसियाबगड़ से हरड़िया तक 700 मीटर क्षेत्र में सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि बह गई है। नदी के खतरे को देखते हुए सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर सिंह पांगती ने निर्माणाधीन भवन का कार्य बंद कर दिया है। छीपा तोक में पेयजल निगम का सोलर पंप हाउस और कुआं खतरे की जद में आ गया है। कुएं की सुरक्षा दीवारें बह गई हैं। बासगून तोक में देवी मंदिर के नीचे नदी का कटाव जारी है। इसके अलावा भैंसखाल और छीपा में कई मकानों को खतरा बना हुआ है। गांव में बना व्यू प्वाइंट गिरने के कगार पर है। आपदा से बचने के लिए नदी को चैनलाइज करने के साथ सुरक्षा दीवारों का निर्माण होना बेहद जरूरी हो गया है।
बाक्स
14 घंटे बाद खुली थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी। क्षेत्र में शनिवार रात हुई भारी बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के नया बस्ती में 200 मीटर क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर पट गए। इसके चलते सड़क पर यातायात ठप हो गया। सड़क 14 घंटे बंद होकर रविवार 10:30 बजे यातायात के लिए खुली। हल्द्वानी, पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन चार घंटे विलंब से चले। तेजम होकरा सड़क कफूवाधार और ककड़ सिंह बैंड पर मलबा आने से बंद रही जिसे दोपहर 12 बजे खोला गया। संवाद
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उधर नाचनी में भारी बारिश से रामगंगा का रुख भैंसखाल गांव होने से खतरा बना है। पूर्व प्रधान पूरन सिंह मेहरा ने बताया कि नदी अपने पूर्व रास्ते से 300 मीटर अंदर गांव की ओर बह रही है। रसियाबगड़ से हरड़िया तक 700 मीटर क्षेत्र में सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि बह गई है। नदी के खतरे को देखते हुए सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर सिंह पांगती ने निर्माणाधीन भवन का कार्य बंद कर दिया है। छीपा तोक में पेयजल निगम का सोलर पंप हाउस और कुआं खतरे की जद में आ गया है। कुएं की सुरक्षा दीवारें बह गई हैं। बासगून तोक में देवी मंदिर के नीचे नदी का कटाव जारी है। इसके अलावा भैंसखाल और छीपा में कई मकानों को खतरा बना हुआ है। गांव में बना व्यू प्वाइंट गिरने के कगार पर है। आपदा से बचने के लिए नदी को चैनलाइज करने के साथ सुरक्षा दीवारों का निर्माण होना बेहद जरूरी हो गया है।
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14 घंटे बाद खुली थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी। क्षेत्र में शनिवार रात हुई भारी बारिश से थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के नया बस्ती में 200 मीटर क्षेत्र में भारी मात्रा में मलबा, बोल्डर पट गए। इसके चलते सड़क पर यातायात ठप हो गया। सड़क 14 घंटे बंद होकर रविवार 10:30 बजे यातायात के लिए खुली। हल्द्वानी, पिथौरागढ़ जाने वाले वाहन चार घंटे विलंब से चले। तेजम होकरा सड़क कफूवाधार और ककड़ सिंह बैंड पर मलबा आने से बंद रही जिसे दोपहर 12 बजे खोला गया। संवाद
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