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दुराचारी को सात साल का सश्रम कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 09 Dec 2015 10:10 PM IST
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किशोरी से दुराचार के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने आरोपी को दोषी पाते हुए सात साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। एक अन्य धारा में आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 8 अप्रैल 2014 को पीड़िता की बहन ने बेड़ीनाग थाने में मनोज भारती उर्फ पप्पू पेंटर पर बहन के साथ दुराचार करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी ने पीड़िता को अपने घर बुलाकर उसके साथ दुराचार किया। बहन उसी (शिकायतकर्ता) के साथ रहती थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में बतौर गवाह 10 लोग प्रस्तुत किए। मामले के परीक्षण के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने आरोपी को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 376 में सात साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 506 (2) पॉक्सो एक्ट में एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्र बल्लभ उप्रेती, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कालू राम ने पैरवी की।
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अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार 8 अप्रैल 2014 को पीड़िता की बहन ने बेड़ीनाग थाने में मनोज भारती उर्फ पप्पू पेंटर पर बहन के साथ दुराचार करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी ने पीड़िता को अपने घर बुलाकर उसके साथ दुराचार किया। बहन उसी (शिकायतकर्ता) के साथ रहती थी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में बतौर गवाह 10 लोग प्रस्तुत किए। मामले के परीक्षण के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिकंद कुमार त्यागी ने आरोपी को दोषी मानते हुए आईपीसी की धारा 376 में सात साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 506 (2) पॉक्सो एक्ट में एक वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी चंद्र बल्लभ उप्रेती, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कालू राम ने पैरवी की।
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