फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   NREGA scam JE, VDO and former chief arrested

मनरेगा घोटाले में जेई, वीडीओ और पूर्व प्रधान गिरफ्तार

Tue, 21 Jun 2016 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 21 Jun 2016 10:06 PM IST
विज्ञापन
NREGA scam JE, VDO and former chief arrested
गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विण विकासखंड के स्याला गांव में वर्ष 2008 से 13 के बीच में हुए लाखों रुपये के मनरेगा घोटाले में मंगलवार को राजस्व पुलिस ने ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भूपेंद्र सिंह बिष्ट, मनरेगा के जूनियर इंजीनियर महेंद्र मुंडेला और तत्कालीन प्रधान देवराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मिनी बैंक सचिव उमेद सिंह की पहले ही गिरफ्तारी हो गई थी। राजस्व पुलिस के अनुसार घोटाले का मुख्य सूत्रधार पकड़ से बाहर है। इस मामले में अभी और गिरफ्तारियां होंगी।

विज्ञापन


स्याला गांव में मनरेगा की मद से मिली राशि में 50 से 60 लाख रुपये तक का घोटाला हुआ था। घोटाले की जानकारी मिलते ही डीएम ने वर्ष 2015 में इस मामले में विण के खंड विकास अधिकारी को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए और जांच के लिए एसडीएम अनुराग आर्य की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। एसडीएम और जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी ने कई बार जांच के लिए स्याला गांव का दौरा किया था। इस मामले में विभागीय जांच भी हुई थी। दो ग्राम विकास अधिकारी और एक जेई निलंबित हुए थे। मामले की विवेचना राजस्व उपनिरीक्षक यशवंत थापा ने की।
विज्ञापन


जांच का काम लगभग पूरा होने के बाद राजस्व पुलिस की टीम ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू की। चार दिन पहले राजस्व टीम ने जब स्याला गांव में दबिश दी तो कोई भी पकड़ में नहीं आया। मंगलवार सुबह से फिर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया। तीनों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया। टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार उमेद राम ने किया। टीम में राजस्व उपनिरीक्षक प्रकाश कापड़ी, भरत मेहता, शंकर कापड़ी, जीवन पुनेठा, अनुसेवक ललित कलौनी शामिल थे। राजस्व विभाग ने तीनों के खिलाफ धारा 420, 465, 467, 468, 471, 406, 409 और 120 बी में मुकदमा दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोप है कि पहले इन लोगों ने गलत तरीके से विण विकासखंड कार्यालय से मनरेगा की मद में बड़ी धनराशि हासिल की। बाद में फर्जी जॉबकार्ड, फर्जी मस्टरोल के माध्यम से धन की हेराफेरी कर दी। इन लोगों ने मिलकर लोगों की जानकारी के बिना उनके बैंक खाते खोले, उनमें मनरेगा की मद का पैसा डाला, फिर सारी धनराशि की खुद निकासी कर ली। इस्टीमेट को भी एक समान बना दिया गया। राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि षड्यंत्र के तहत सरकारी धन को हड़पने का काम किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed