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मनरेगा के धन में घपला, जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 09 Jul 2015 10:33 PM IST
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मनरेगा के मद से प्राप्त धन में धांधली की शिकायत सामने आने पर सीडीओ विनोद गिरी गोस्वामी ने मामले की जांच कराने के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसमें मुख्य कृषि अधिकारी, आरईएस के सहायक अभियंता और जिला पंचायत राज अधिकारी को शामिल किया है। यह कमेटी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल करेगी, जिसके आधार पर दोषी मिले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वैसे तो मनरेगा की मद से धन प्राप्त करने के लिए ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य लाख कोशिशों के बाद भी सफल नहीं होते हैं, लेकिन विण विकासखंड में स्याला, आगर और छेड़ा के क्षेत्र पंचायत सदस्य ने वर्ष 2013-14 में 75 लाख रुपये की राशि हासिल कर ली, जबकि 93 ग्राम पंचायतों के इस विकासखंड को मनरेगा की मद से कुल 1.50 करोड़ रुपये मिले थे। बताया जाता है कि उक्त क्षेत्र पंचायत सदस्य ने विकासखंड के कर्मचारियों को दबाव में लेकर यह राशि अपने क्षेत्र के लिए जारी करवा दी। वहीं, मनरेगा की मद से इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद उसमें घपलेबाजी सामने आने लगी। इसका खुलासा पिछले दिनों आरटीआई के माध्यम से हुआ कि मनरेगा से 75 लाख रुपये मिलने के बाद भी क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है।
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गांव के तमाम लोगों ने इस मामले की जांच के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया। इसके बाद सीडीओ के निर्देश पर डीडीओ गोपाल गिरी ने प्रारंभिक जांच की और मनरेगा की मद में कई घपलों को पकड़ा। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब जांच कमेटी का गठन कर दिया है। यह जांच कमेटी उन कामों का निरीक्षण करेगी, जिनकी स्वीकृति मनरेगा से हुई है। साथ ही धन के उपयोग की भी जांच होगी। डीडीओ ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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