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ढाबे में लगी आग में जिंदा जले दो युवक

Mon, 19 Jan 2015 12:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल(पिथौरागढ़)
ब्यूरो/अमर उजाला, थल(पिथौरागढ़) Updated Mon, 19 Jan 2015 12:24 PM IST
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fire in hotel

बेड़ीनाग रोड पर स्थित एक ढाबे में काम करने वाले नेपाल के दो युवकों की शनिवार रात ढाबे में लगी आग में जिंदा जल गए। लकड़ी का ढाबा भी जलकर राख हो गया। पुलिस ने मौका मुआयना करने के बाद बताया कि दोनों युवक रात में अंगीठी जलाकर सो गए थे। अंगीठी से ही यह आग फैली। पुलिस ने जले हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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लाल मिट्टी मोड़ के पास बरड़ निवासी लक्ष्मण चंद ने छह माह पहले एक ढाबा खोला था। ढाबे में उन्होंने नेपाल के देलेख जिला अंतर्गत ग्राम सातल निवासी राजबहादुर थापा (35) पुत्र कर्ण बहादुर थापा को कारीगर के तौर पर रखा था। राजबहादुर रोज रात ढाबे के पीछे एक छोटे से कमरे में सो जाता था। हाल ही में राजबहादुर के कहने पर ढाबा मालिक लक्ष्मण चंद ने नेपाली युवक जय सिंह (32) को भी ढाबे में काम पर रख लिया। शनिवार शाम लक्ष्मण चंद रोज की तरह अपने गांव चले गए और राजबहादुर और जय सिंह अपने कमरे में जाकर सो गए। रात में ठंड थी इसलिए दोनों ने बिस्तर के पास ही अंगीठी रख दी थी।
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रोज की तरह रविवार सुबह करीब 4.30 बजे जब लक्ष्मण चंद ढाबे में पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल थल थाने की पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी बलवंत कांबोज के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जले हुए ढाबे के मलबे से राजबहादुर और जय सिंह की लाश बरामद की। लाशें इस कदर भुन गई हैं कि उनको पहचान पाना कठिन है। कमरे में ही अंगीठी भी मिली है। थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। जय सिंह अविवाहित था। उसका अन्य ब्योरा पुलिस के पास नहीं है। राजबहादुर ने दो साल पहले ही शादी की थी लेकिन वह पत्नी से अलग रहता था।
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ढाबा मालिक को 3.5 लाख का नुकसान
थल (पिथौरागढ़)। ढाबा मालिक को आग से करीब 3.5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। ढाबे में रखा सारा फर्नीचर, जेनरेटर आग से नष्ट हो गया। ढाबे को बनाने के लिए उन्होंने लकड़ी, पालीथिन, बांस और घास का प्रयोग किया था। अब ढाबे में कुछ नहीं बचा है। साथ में उसने वफादार कारीगर और नौकर को भी गंवा दिया।

सिलेंडर में गैस नहीं थी
थल (पिथौरागढ़)। ढाबे में खाना अक्सर लकड़ी के चूल्हे में ही बनता था लेकिन ढाबा मालिक ने एक व्यावसायिक गैस सिलेंडर भी रखा था। इत्तफाक से सिलेंडर शनिवार को ही समाप्त हुआ था। खाली सिलेंडर ढाबे के अंदर ही था। चाय बनाने के लिए स्टोव भी ढाबे में रखा हुआ था।


कहीं इरादतन तो नहीं लगा दी आग
थल (पिथौरागढ़)। ढाबे में आग लगने के कारणों के बारे में हालांकि पुलिस ने प्रथम दृष्टया अंगीठी से आग फैलने की आशंका जताई है क्योंकि मौके से अंगीठी भी मिली थी लेकिन पुलिस इस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी छानबीन कर रही है। यह ढाबा एकदम एकांत स्थान पर था। इसके आसपास कोई अन्य मकान नहीं था। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि किसी ने इरादतन ढाबे में आग तो नहीं लगा दी। थाना प्रभारी बलवंत कांबोज में मौका मुआयना करने के बाद कहा कि इस कांड से जुड़े सभी तथ्यों की छानबीन की जा रही है। जांच के बाद ही घटना के असली कारणों का पता चल पाएगा।

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