{"_id":"5adb70374f1c1b84028b5cca","slug":"bjp-woman-broke-hands-in-panchayat","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरी पंचायत में भाजपा महिला नेता का हाथ तोड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भरी पंचायत में भाजपा महिला नेता का हाथ तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Sat, 21 Apr 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
धारचूला के संयुक्त अस्पताल में भर्ती भाजपा नेत्री लीला बंग्याल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस नेता शकुंतला दताल के गुट पर जौलजीबी के दांतूखेड़ा गांव में भरी पंचायत के बीच भाजपा जिला उपाध्यक्ष लीला बंग्याल पर हमला करने का आरोप लगा है। इस हमले में भाजपा नेता लीला का हाथ टूट गया है। उन्हें संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता के पति कमल बंग्याल ने जौलजीबी थाने मेें तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। सीओ धारचुला विमल आचार्य का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों से बयान लिए जा रहे हैं। बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शनिवार को कांग्रेस नेता शकुंतला दताल ने दांतूखेड़ा गांव में पंचेश्वर बांध के विरोध में ग्रामीणों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान उन्होंने बैठक में नहीं आने वाले परिवारों पर पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। बैठक में मौजूद जिला भाजपा उपाध्यक्ष लीला बंग्याल ने जुर्माने पर विरोध किया। उन्होंने वर्ष 2013 में भी ग्रामीणों पर लगाए गए जुर्माने पर सवाल उठाए। आरोप है कि इस पर शकुंतला दताल और उनके समर्थक भड़क गए और भाजपा नेता पर टूट पड़े। उन्होंने महिला नेता को बुरी तरह पीटा।
विज्ञापन
बैठक में मौजूद कुछ लोगों ने बीचबचाव कर लीला को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। इसके बाद उन्हें संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। साथ ही शरीर में कई अंदरूनी चोटें भी आई हैं। महिला नेता का अल्ट्रासाउंड भी कराया जा रहा है। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, भाजपा नेता हरीश धामी, सुरेंद्र खड़ायत, लक्ष्मी परमार, ओम कापड़ी आदि अस्पताल पहुंचे व आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
विज्ञापन
कौन सच्चा, कौन झूठा
महिला नेत्री के हाथ तोड़ने के आरोपों पर जब अमर उजाला ने कांग्रेस नेत्री शकुंतला दताल से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के बीच जब मारपीट हुई तो वह वहां नहीं थीं, आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं पीड़ित भाजपा नेत्री लीला का कहना है कि मारपीट के दौरान शकुंतला वहीं मौजूद थी, इसका वीडियो भी उनके पास है।