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बेड़ीनाग में करंट से छात्र की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 25 Aug 2015 06:24 PM IST
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करंट लगने से बेड़ीनाग जीआईसी में कक्षा 12 के छात्र अक्षय कुमार (17) पुत्र इंद्रलाल की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने काफी देर तक पुलिस को शव को मौके से नहीं उठाने दिया। लोगों ने बिजली विभाग को लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना। विभाग के मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई।
ग्वीर निवासी अक्षय कुमार सोमवार की सुबह 10.30 बजे अपने साथियों के साथ तहसील कार्यालय गया था। उसके साथी प्रमाणपत्र बनाने में व्यस्त थे। उसी बीच अक्षय लघुशंका के लिए तहसील कार्यालय से 100 मीटर दूर चला गया। वहां पर जमीन में रखे ट्रांसफार्मर के स्पोर्ट के लिए लगे तार के पास से जाते समय उसे करंट लग गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों ने उसे करंट लगते हुए देख लिया। तत्काल बिजली विभाग के अफसरों से लाइन काटने के लिए कहा। उसके बाद शव को मौके से हटाया गया। लोगों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही करार देते हुए विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाई। पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर केके मिश्रा और विद्युत विभाग के एसडीओ प्रदीप बिष्ट ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। तहसील के कर्मचारियों ने भी कुछ धनराशि एकत्र कर मृतक के पिता को दी। विद्युत विभाग के एसडीओ ने कहा कि पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा और दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे विधायक नारायण राम आर्य ने विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से फोन पर हुई वार्ता के बाद कहा कि पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की राशि सीएम राहत कोष से दिलाई जाएगी। भाजयुमो तहसील अध्यक्ष इंद्र सिंह धानिक समेत दरबान चन्याल, विनय कुमार आदि ने घटना के बाद काफी देर तक हंगामा किया और विभाग की लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार के बेटे की मौत को गंभीर घटना बताया।
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ग्वीर निवासी अक्षय कुमार सोमवार की सुबह 10.30 बजे अपने साथियों के साथ तहसील कार्यालय गया था। उसके साथी प्रमाणपत्र बनाने में व्यस्त थे। उसी बीच अक्षय लघुशंका के लिए तहसील कार्यालय से 100 मीटर दूर चला गया। वहां पर जमीन में रखे ट्रांसफार्मर के स्पोर्ट के लिए लगे तार के पास से जाते समय उसे करंट लग गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लोगों ने उसे करंट लगते हुए देख लिया। तत्काल बिजली विभाग के अफसरों से लाइन काटने के लिए कहा। उसके बाद शव को मौके से हटाया गया। लोगों ने बिजली विभाग की घोर लापरवाही करार देते हुए विभाग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग उठाई। पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर केके मिश्रा और विद्युत विभाग के एसडीओ प्रदीप बिष्ट ने लोगों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। तहसील के कर्मचारियों ने भी कुछ धनराशि एकत्र कर मृतक के पिता को दी। विद्युत विभाग के एसडीओ ने कहा कि पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये का मुआवजा और दिया जाएगा। मौके पर पहुंचे विधायक नारायण राम आर्य ने विभाग के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। उन्होंने मुख्यमंत्री से फोन पर हुई वार्ता के बाद कहा कि पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की राशि सीएम राहत कोष से दिलाई जाएगी। भाजयुमो तहसील अध्यक्ष इंद्र सिंह धानिक समेत दरबान चन्याल, विनय कुमार आदि ने घटना के बाद काफी देर तक हंगामा किया और विभाग की लापरवाही के कारण एक गरीब परिवार के बेटे की मौत को गंभीर घटना बताया।
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